न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

पूंजीपतियों को जमीन दिलाना बंद करे, आदिवासियों को धर्म के नाम पर न बांटे सरकार :  गोपीकांत 

सीपीआइएम ने जमगाई गांव में रैली निकाली,आम सभा भी की 

65

Ranchi : नदी,नाला खेल मैदान,हड़गड़ी,जतरा टांड़ समेत सभी सामुदायिक जमीनों को लैंड बैंक में शामिल किया जा रहा है,साथ ही इसे सिंगल विंडो सिस्टम के तहत पूंजीपतियों को भी दे दिया जा रहा है. इस तरह सरकार आदिवासियों,रैयतों, किसानों सहित जल,जंगल,जमीन को उखाड़ फेंकने की साजिश  कर रही है. उक्त बातें सीपीआइएम के राज्य सचिव गोपीकांत बख्शी ने कही.

वे तुपुदाना स्थित जमगाई में जौनी जौकीम तिरू के शहादत दिवस पर आयोजित जुलूस में शामिल हुए.  उन्होंने कहा कि गैरमजरूआ आम, गैरमजरूआ खास जमीन को सरकार लूट रही है.  सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी में आदिवासियों को जंगल से हटाने की बात की थी.

जो सरकार के गैर जिम्मेदाराना रवैये के कारण हुआ. क्योंकि सरकार सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं रहती थी. भले ही जुलाई तक के लिए मामले को टाला गया है, लेकिन फिर भी मूलवासियों के गले में तलवार तो लटक ही रही है.

इसे भी पढ़ें – दिशोम गुरु की हार से मर्माहत नेता, कार्यकर्ता व समर्थक हेमंत को सोशल मीडिया में दे रहे सलाह, नजदीकियों पर साध रहे निशाना

 ग्राम सभा को अधिकार नहीं देने का नतीजा

गोपीकांत ने कहा कि 2018 में 42.19 लाख दावे पेश किये गये थे. जिसमें से 18.89 लाख को मंजूरी दी गयी. इन दावों में अधिकांश दावे ग्राम सभा की संस्तुतियों के खिलाफ जाकर ठुकरा दिये गये. सरकार ग्राम सभा से पूछना ही नही चाहती. वनाधिकार नियमों के अनुसार वन पट्टा देने के लिए ग्राम सभा की संस्तुति जरूरी है.

ऐसे में बिना ग्राम सभा के संस्तुति के सरकार मनमाने तरीके वन पट्टा को ठुकरा दे रही है. जबकि मूलवासियों का जीवन इसी पर निर्भर है. इन बातों से जानकारी हेाती है कि वन अधिकार पर पर दायर याचिका मे मिलीभगत की गयी है.

धर्म के नाम पर बांट रही सरकार

राज्य सचिव मंडल सदस्य प्रकाश विप्लव ने कहा कि सरकार लोगों को धर्म के नाम पर बांटने का काम रही है. पिछले साढ़े चार साल को देखे तो राज्य सरकार ने आदिवासियों को धर्म के नाम पर बांटने का काम किया. सरकार को चाहिए कि स्वच्छ राजनीति करें.

धर्म के नाम पर राजनीति कर देश की छवि को धूमिल न करें. इस दौरान रैली के बाद आम सभा की गयी मौके पर राजेंद्र सिंह मुंडा, सुफल महतो, प्रफुल लिंडा, सुखनाथ लोहरा, सुरेश मुंडा समेत अन्य लोग उपस्थित थे.

इसे भी पढ़ें – आचार संहिता खत्म होते ही सीएम इलेक्शन मोड में, विपक्ष अब तक फंसा है अंतर्कलह में

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
क्या आपको लगता है हम स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता कर रहे हैं. अगर हां, तो इसे बचाने के लिए हमें आर्थिक मदद करें.
आप अखबारों को हर दिन 5 रूपये देते हैं. टीवी न्यूज के पैसे देते हैं. हमें हर दिन 1 रूपये और महीने में 30 रूपये देकर हमारी मदद करें.
मदद करने के लिए यहां क्लिक करें.-

you're currently offline

%d bloggers like this: