न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें
bharat_electronics

शेयर बाजार में निवेशकों का कचूमर निकला, 2.2 लाख करोड़ डूब गये

 क्रिसमस के त्योहार से पहले हुई इस गिरावट के कारण निवेशकों को 2.2 लाख करोड़ डूब गये. इसी के साथ बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण (एमकैप) 145.56 लाख करोड़ रुपये से घटकर 143.30 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया.

1,170

 Mumbai  : शुक्रवार को शेयर बाजार में कोहराम मच गया.  सेंसेक्स 689.60 अंकों या 1.89 फीसदी की भारी गिरावट के साथ 35,742.07 पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 197.70 अंकों या 1.81 फीसदी की गिरावट के साथ 10,754. पर बंद हुआ.  क्रिसमस के त्योहार से पहले हुई इस गिरावट के कारण निवेशकों को 2.2 लाख करोड़ डूब गये. इसी के साथ बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण (एमकैप) 145.56 लाख करोड़ रुपये से घटकर 143.30 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया. बता दें कि कारोबार की शुरुआत लाल निशान में हुई.  कुछ दिनों से बढ़िया प्रदर्शन कर रहे बाजार में आखिर अचानक इतनी बड़ी गिरावट कैसे दर्ज की गई?  जान लें कि कई दिनों से बढ़िया प्रदर्शन कर रहे शेयर बाजार में शुक्रवार को जोरदार मुनाफावसूली हुई. जानकार मानते हैं कि  वैश्विक अनिश्चितता के बीच विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) क्रिसमस की खुशियां मनाने से पहले कोई जोखिम नहीं लेना चाह रहे हैं.

mi banner add

कई दिनों तक शानदार प्रदर्शन के बाद बाजार मध्यम स्तर पर वापस लौटा है.  उन शेयरों में ज्यादा गिरावट देखी गयी है, जिनमें पिछले कुछ दिनों में काफी तेजी रही है, जो मुनाफावसूली का संकेत है. वैश्विक अर्थव्यवस्था के लड़खड़ाने के संकेत के बावजूद यूएस फेडरल रिजर्व द्वारा अगले साल इंट्रेस्ट रेट में बढ़ोतरी का रुख दर्शाने के बाद से ही वैश्विक शेयर बाजार दबाव में है.

अमेरिकी सरकार के शटडाउन के खतरे के बाद निवेशकों में घबराहट बढ़ गयी

Related Posts

अमेरिकी सरकार के शटडाउन के खतरे के बाद आर्थिक परिदृश्य को लेकर निवेशकों में घबराहट और बढ़ गयी है.  गुरुवार को डाउ जोंस में 464 अंक या 1.99 फीसदी गिरकर 22,859 पर बंद हुआ, तो एसऐंडपी 500 कुल 40 अंक या 1.60 फीसदी गिरकर बंद हुआ, वहीं नैस्डाक 108 अंक या 1.63 फीसदी की गिरावट के साथ 6,528 पर बंद हुआ. शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया बेहद दवाब में देखा गया। दोपहर के कारोबार में रुपया 56 पैसे की गिरावट के साथ 70.26 पर कारोबार कर रहा था.  पिछले कुछ दिनों के भीतर वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से एनर्जी कंपनियों के शेयर दबाव में हैं.  ओपेक द्वारा कीमतों में कटौती का संकेत देने के बाद शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमत में गिरावट देखी गयी.

हालांकि परिदृश्य अभी भी विकट बना हुआ है. कुछ विश्लेषकों का कहना है कि राज्य दर राज्य लगातार किसानों की कर्जमाफी से क्रेडिट मार्केट और सरकारी बैंकों की वित्तीय सेहत पर पड़ने वाले संभावित प्रतिकूल असर को लेकर बाजार में तनाव का माहौल है. कुछ विश्लेषकों का यह भी कहना है कि बाजार में नकदी बढ़ने से अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति का दबाव पैदा हो सकता है.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

dav_add
You might also like
addionm
%d bloggers like this: