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स्टेन स्वामी को नहीं मिली हाइकोर्ट से राहत, निचली अदालत से जारी वारंट को निरस्त करने की मांग की थी

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Ranchi: पत्थलगड़ी के आरोपित स्टेन स्वामी को झारखंड हाइकोर्ट से राहत नहीं मिल पायी. बता दें कि स्टेन स्वामी ने हाइकोर्ट से निचली अदालत से जारी वारंट को निरस्त करने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने राहत देने से इनकार कर दिया है. साथ ही सरकार को इस मामले में जवाब देने का निर्देश दिया है. बता दें कि स्टेन स्वामी को पत्थलगड़ी मामले में आरोपी बनाया गया है.

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ग्रामीणों को गुमराह करके देश विरोधी गतिविधियों के लिए बाध्य करने का है आरोप

स्टेन स्वामी पर आरोप है कि ये ग्रामीणों को गुमराह करके देश विरोधी गतिविधियों के लिए बाध्य कर रहे हैं. लोगों को धोखे में रख कर देश की एकता और अखंडता खंडित करने की कोशिश की है. राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा लिया और सांप्रदायिक तथा जातीय माहौल खराब करने की कोशिश की.

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स्टेन स्वामी सहित 20 लोगों पर दर्ज हुआ था केस

खूंटी पुलिस ने फादर स्टेन स्वामी, कांग्रेस के पूर्व विधायक थियोडोर किड़ो सहित 20 अन्य लोगों पर देशद्रोह का केस दर्ज किया है. मामला खूंटी इलाके में पत्थलगड़ी किये जाने से संबंधित है. फादर स्टेन स्वामी व अन्य पर पुलिस ने आरोप लगाया है कि वे लोगों को धोखे में रख कर देश की एकता व अखंडता को तोड़ने में लगे हुए हैं.

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साथ ही इन लोगों पर सोशल मीडिया का सहारा लेकर लोगों को जबरन देशविरोधी गतिविधियों में शामिल करने सहित सांप्रदायिक और जातीय माहौल खराब करने, कानून व्यवस्था में व्यवधान पहुंचाने का आरोप पुलिस ने लगाया है.

इन सभी पर आइपीसी की धारा 121 (देश के विरुदध युदध करना या उसके लिए उकसाना) आइपीसी की धारा 121 ए (देश के विरुदध युदध की साजिश करना) आइपीसी की धारा 124 ए (देश के खिलाफ बोल कर या लिख कर विद्रोह करना) लगायी गयी है.

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कई लोग एनजीओ से जुड़े हुए हैं

स्टेन स्वामी व थियोडोर किड़ो के अलावा जिन लोगों पर केस दर्ज किया गया है, उनमें वाल़्टर कंडुलना, थामस रूंडा, बोलेस बबीता कच़्छप, बिरसा नाग, सुकुमार सोरेन, घनश्याम बिरुली, धर्मकिशोर कुल्लू, मुक़्ति तिर्की, अजल कंडुलना, विकास कोड़ा, विनोद कुमार, आलोका कुजूर, विनोद केरकेट़टा, सुमित केरकेट़टा, ए बिरुआ, राकेश रोशन किड़ो, सामु टुडू आदि शामिल हैं. बता दें कि इन लोगों में से कई लोग एनजीओ से जुड़े हुए हैं.

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