DhanbadJharkhand

जिंदा रहते जिसको लोगों ने कौड़ियों में तौला, मरने के बाद उसके शव की कीमत 60 हजार

Dhanbad : ताज़ा मामला कोयलांचल धनबाद का है. जहां एक व्यक्ति के शव की कीमत 60 हजार रुपए आंकी गई है. चौंकिए मत आपने जो पढ़ा और सुना वो बिलुकल सही है. ये शव किसी नेता या बड़े बिजनेसमैन का नहीं, बल्कि मामूली दिहाड़ी मजदूरी करने वाले 40 वर्षीय जलधर तुरी नामक एक मजदूर का है. जिसे जिंदा रहते किसी ने भी नही पूछा लेकिन आज मरने के बाद वो हजारो में तौला जा रहा है.

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सरकारी अस्‍पताल में नहीं है इलाज की समुचित व्‍यवस्‍था

दरअसल न्यूज विंग ने दो दिन पूर्व ही कोयलांचल धनबाद में फैले महामारी से आपको रु-ब-रु करवाया था. जिसमें हमने आपको यहां की जमीनी हकीकत के बारे में बतलाया था कि किस तरह से यहां के लोग डायरिया का शिकार बन सरकारी इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं. वहीं कुछ लोग अपनी जान बचाने को लेकर निजी अस्पतालों में अपना इलाज करवाने को विवश हैं. इस कहानी की शुरुआत भी इसी विवश्‍ता से शुरू होती है.

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सदर अस्‍पताल छोड़ परिजनों ने निजी अस्‍पताल में करवाया इलाज

मृत दिहाड़ी मजदूर जलधर जब महामारी के चपेट में आए तो उनके परिजनों ने उनका इलाज सरकारी अस्पतालों में करवाने का भरसक प्रयास किया. लेकिन जब सरकारी अस्ताल में उचित इलाज की व्यवस्था इन्हें नहीं दिखी तब इन्होंने मरीज का उचित इलाज करवाने को लेकर एक निजी अस्पताल में दाखिल किया. लेकिन यहां भी उनकी ये कोशिश बेकार गई और जलधर की मौत हो गई.

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अस्‍पताल प्रबंधन ने जलधर के परिजनों को थमाया 60 हजार का बिल

लगातार 5 दिनों तक निजी अस्पताल में जलधर का इलाज चलता रहा. इस बीच इनके परिजनों ने अपना सब कुछ गिरवी रख इनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना की, इसके बावजूद 5 दिन बाद जलधर की मौत हो गयी. जिसके बाद उनका पूरा परिवार इस मौत के गम में डूब गया. सब कुछ खोने के बाद जब मृत जलधर का परिवार उनका मृत देह लेने अस्पताल पहुंचा तो अस्पताल के कर्मचारियों ने शव को देने साफ मना कर दिया और उनके हाथों में 60 हजार रुपए का एक लंबा-चौड़ा बिल पकड़ाते हुए कहा कि शव को यहां से ले जाना हो तो पहले इस बिल का भुगतान करें, तभी आप शव को यहां से ले जा सकते हैं.

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मीडिया, समाज सेवी के हंगामे के बाद शव सौंपा गया परिजनों को

इतनी बड़ी राशि देने में असमर्थ मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से काफी मिन्नतें की. उसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन बिल के 60 हजार रुपए की भुगतान की बात पे अड़ा रहा. अंततः जब कुछ स्थानीय समाज सेवी संस्थानों और मीडिया ने इसको लेकर हंगामा किया तब जाकर अस्पताल प्रबंधन अपनी राशि को कम करते हुए 7  हजार रुपए लेकर जलधर के शव को परिजनों को सौंप.

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