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चक्रधरपुर : केरा में स्वतंत्रता सेनानी उमापदो त्रिपाठी की प्रतिमा का डीआरएम और पूर्व विधायक ने किया अनावरण

Chakradharpur : चक्रधरपुर प्रखंड के केरा गांव में रविवार को स्वतंत्रता सेनानी उमापदो त्रिपाठी (नाटू बाबू) की प्रतिमा का अनावरण किया गया. मुख्य अतिथि चक्रधरपुर रेल मंडल के प्रबंधक विजय कुमार साहू तथा विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक सह भाजपा नेता शशि भूषण सामड ने संयुक्त रूप से प्रतिमा का अनावरण किया. इस मौके पर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता अशोक सारंगी, मुखिया मीरा हांसदा, स्वतंत्रता सेनानी के पुत्र सत्यप्रिय त्रिपाठी, नाती मानस त्रिपाठी, दीपक त्रिपाठी, तापस त्रिपाठी आदि उपस्थित थे. प्रतिमा का स्थापित सबुज संघ कला निकेतन केरा द्वारा किया गया है.
नेताजी सुभाष की आजाद हिंद फौज से जुड़े थे उमापदो
प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीआरएम विजय कुमार साहू ने कहा कि केरा गांव वीरों की माटी है. ऐसे ही एक वीर स्वतंत्रता सेनानी उमापदो त्रिपाठी थे. उन्हें सम्मान देना हमारा कर्तव्य है. पूर्व विधायक शशिभूषण सामड ने कहा कि देश को आजादी दिलाने में स्वतंत्रता सेनानी उमापदो त्रिपाठी का अहम योगदान रहा है. उनके सम्मान में प्रतिमा स्थापित कर सबुज संघ ने सही मायनों में उन्हें सम्मान दिया है. उनके परिवार को सरकारी लाभ मिल सके, इसके लिए सरकार के साथ पत्रचार किया जायेगा. मालूम हो कि स्वतंत्रता सेनानी उमापदो त्रिपाठी के पिता वृंदावन त्रिपाठी आनंदपुर व केरा स्टेट के दीवान थे. उन्होंने देश को ब्रिटिश शासन के चंगुल से आजादी दिलाने के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज ज्वाइन की थी. उमापदो त्रिपाठी आजाद हिंद संगठन के लिए राशि जुटाने का काम भी करते थे.
कोलकाता एयरपोर्ट को उड़ाने का षड़यंत्र रचने में गिरफ्तार हुए थे
नेताजी के साथ मिल कर कोलकाता एयरपोर्ट को उड़ाने का षड़यंत्र रचने के जुर्म में ब्रिटिश पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और सेंट्रल जेल बहरमपुर ओड़िशा में डाल दिया गया. उसके बाद उन्हें सश्रम कारावास हजारीबाग सेंट्रल जेल में भी रखा गया. 4 अक्टूबर 1970 को केरा गांव में उनका निधन हो गया. उमापदो त्रिपाठी ने जमीन दान देकर केरा में खादी भंडार की स्थापना करायी. जिस समय दूर-दूर तक स्कूल नहीं था, उन्होंने जमीन दान देकर गांव में स्कूल की स्थापना करके लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया. बिहार सरकर ने उड़िया आंदोलन को वापस लेने के लिए उन्हें निश्चिंतपुर स्कूल में एक लाख रुपए का प्रलोभन दिया था, परंतु उन्होंने ठुकरा दिया और स्कूल का निर्माण कराया. ओड़िशा के विधानसभा भवन में स्वतंत्रता सेनानी उमापदो त्रिपाठी का चित्र सुरक्षित है. परंतु उनके निधन के बाद केंद्र सरकार या राज्य सरकार की ओर से उन्हें किसी प्रकार का सम्मान या परिजनों को सरकारी सुविधा प्राप्त नहीं हुई है.
कार्यक्रम में इनकी रही मौजूदगी


प्रतिमा अनावरण के मौके पर आयोजन समिति के अध्यक्ष कार्तिक पंडा, सचिव कामाख्या प्रसाद साहू, कोषा अध्यक्ष सत्यप्रकाश कर, अभिजीत भट्टाचार्य, राजीव कुमार सिंह देव, प्रदीप सिंह देव, सुरेश चंद्र साहू, दशरथ प्रधान, बुधराम उराव, गोविंद मोहंती, गुरु प्रसाद साहू, श्रीबत सारंगी, गौरांग कर, अमित मिश्रा, सदानंद पति, किशोर ज्योतिषी, राजू साहू, दिनेश नंदा, सदानंद होता, दया पाणी, पूर्व मुखिया संजय हांसदा, दया मंडल समेत काफी संख्या में गांव के गणमान्य लोग मौजूद थे.

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Sanjeevani

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