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राज्य का बिजली उत्पादन शून्य, वितरण निगम का दावा- फुल लोड है बिजली, फिर भी आंख मिचौली जारी

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  • सुबह में 1131 मेगावाट की मांग, शाम में घटकर 882 मेगावाट की मांग, 249 मेगावाट की कमी

Ranchi : राज्य के एक मात्र पावर प्लांट टीवीएनएल से रविवार को दूसरे दिन भी उत्पादन ठप रहा. सिकिदिरी हाइडल से पहले से ही उत्पादन ठप है. रविवार को पूरे प्रदेश में बिजली की आंख मिचौली जारी रही. राजधानी रांची में भी बिजली व्यवस्था पटरी से उतरी रही. पिछले दो दिनों तक हर इलाके में दो से तीन घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही. इसके बावजूद बिजली वितरण निगम का पावर पोजिशन कहता है कि प्रदेश में फुल लोड बिजली है. कहीं भी लोड शेडिंग नहीं की जा रही है.

सुबह 1131 मेगावाट की मांग, शाम में सिर्फ 882 मेगावाट, मतलब 249 मेगावाट की कमी

सुबह में बिजली की मांग 1131 मेगावाट की थी. जबकि, शाम पांच बजे के बाद बिजली की मांग घटकर 249 मेगावाट रही. सुबह में निजी कंपनियों से 851 मेगावाट बिजली ली गयी. इसमें सीपीपी से 41 मेगावाट, इनलैंड से 51 मेगावाट, सेंट्रल एलोकेशन से 644 मेगावाट, आधुनिक से 184 मेगावाट, एसईआर से 48 और आईईएक्स से 99 मेगावाट बिजली ली गयी. इसके अलावा अन्य स्रोत से 64 मेगावाट बिजली ली गयी. कुल मिलाकर झारखंड अब दूसरे राज्यों पर निर्भर हो गया है.

शाम में कम मिली बिजली

रविवार की शाम में बिजली कम मिली. सेंट्रल एलोकेशन से 446 मेगावाट ही बिजली मिली. जबकि, सुबह में सेंट्रल एलोकेशन से 644 मेगावाट बिजली मिली. इसी तरह सीपीपी से 31, इनलैंड पावर से 51 मेगावाट बिजली मिली. आधुनिक से 184, एसईआर से 48 और आइईएक्स से 99 मेगावाट बिजली मिली. कुल 851 मेगावाट ही बिजली उपलब्ध रही. अन्य स्रोत से 31 मेगावाट बिजली ली गयी. कुल 882 मेगावाट की मांग रही. इसके बावजूद वितरण निगम के अनुसार लोड शेडिंग शून्य बताया गया है.

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