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पटरी से उतरी प्रदेश की बिजली व्यवस्था, राज्य के पावर प्लांट से सिर्फ 208 मेगावाट उत्पादन

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– निजी और सेंट्रल एलोकेशन से 902 मेगावाट ली जा रही बिजली,  228 मेगावाट की कमी

– हर जिले में चार से पांच घंटे बिजली की कटौती, ग्रिडों से 57 मेगावाट अधिक ली जा रही बिजली

Ranchi: प्रदेश की बिजली व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी है. पिछले एक सप्ताह से हर जिले में चार-पांच घंटे बिजली की कटौती की जा रही है. गुरुवार को भी यही हाल रहा. राज्य के एक मात्र सरकारी उपक्रम के पावर प्लांट टीवीएनएल से सिर्फ 208 मेगावाट बिजली मिली. 902 मेगावाट बिजली निजी पावर कंपनियों और सेंट्रल एलोकेशन से ली गई. फिर भी बिजली की मांग पूरी नहीं हो पा रही है. गुरुवार को कुल 1110 मेगावाट बिजली उपलब्ध रही. जबकि मांग 1338 मेगावाट की थी. इस हिसाब से 228 मेगावाट बिजली की कमी रही.

रांची को छोड़ किसी भी जिले में बिजली ने महीने में 600 घंटे का नहीं छुआ आंकड़ा

प्रदेश की बिजली व्यवस्था इतनी दयनीय हो गई है कि पिछले एक महीने में रांची को छोड़कर किसी भी जिले ने 600 घंटे का आंकड़ा नहीं छुआ है. एक महीने यानी 30 दिन में 720 घंटा होता है. गढ़वा में एक महीने में 262 घंटे तक बिजली नहीं मिली. महगामा में 30 दिन में सिर्फ 330 घंटे ही बिजली उपलब्ध रही. गुमला, लोहरदगा, चतरा, साहेबगंज भी एक महीने में 600 घंटे का आंकड़ा नहीं छू पाया है. भवनाथपुर में 30 दिन में औसतन 227 घंटे ही बिजली रही.

किस जिले को एक महीने में कितने घंटे मिली बिजली

साहेबगंज- 550 घंटा

पाकुड़- 519 घंटा

रांची- 695 से 710 घंटा

गोड्डा- 590 घंटा

कोडरमा- 681 घंटा

रामगढ़- 690 घंटा

पोड़ैयाहाट- 557 घंटा

महगामा- 330 घंटा

डालटनगंज- 505 घंटा

लातेहार- 445 घंटा

आदित्यपुर- 710 घंटा

गुमला- 533 घंटा

लोहरदगा- 530 घंटा

सिमडेगा- 607 घंटा

हजारीबाग- 690 घंटा

गुरुवार को क्या रही पावर की स्थिति

टीवीएनएल- 208 मेगावाट

सिकिदिरी- शून्य

निजी कंपनी

सीपीपी: 11 मेगावाट

इंलैंड पावर- 53 मेगावाट

आधुनिक: 103 मेगावाट

एसइआर- 48 मेगावाट

आइइएक्स- 59 मेगावाट

एमपीएसइबी- 76 मेगावाट

सेंट्रल एलोकेशन- 495 मेगावाट

ओवर ड्रावल -57 मेगावाट

बिजली की उपलब्धता- 896 मेगावाट

बिजली की कमी- 228 मेगावाट

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