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पदों के रिक्ति की जानकारी #JPSC को नहीं देती राज्य की यूनिवर्सिटी, खुद ही एक्सटेंशन पर चलाती है काम

श्यामा प्रसाद मुखर्जी और कोयलांचल यूनिवर्सिटी में कई महत्वपूर्ण पद राज्य सरकार ने सृजित नहीं किये.

यूनिवर्सिटी के कई महत्वपूर्ण पदों पर 60 से उपर के अधिकारी कार्यरत हैं, जो यूजीसी नियमों का उल्लघंन है.

Ranchi: राज्य में उच्च शिक्षा तंगहाल है. पिछले कुछ सालों में यूनिवर्सिटी तो खोले गये, लेकिन शिक्षकों और प्रोफेसरों की नियुक्ति और प्रोमोशन पर ध्यान नहीं दिया गया.

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नतीजतन मनोनयन और एक्सटेंशन के भरोसे राज्य के कई महत्वपूर्ण यूनिवर्सिटीज चल रही है. कुछ यूनिवर्सिटीज ऐसे भी है जहां उच्च पदाधिकारियों के पद भी सृजित नहीं है. यहां मनोनय से काम लिया जा रहा. कुछ पद एक्सटेंशन पर और कुछ डेप्यूटेशन पर चल रहे हैं.

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इतना ही नहीं, राज्य की यूनिवर्सिटीज में यूजीसी नियमों की भी धज्जियां उड़ रही हैं. इसका मुख्य कारण यह है कि राज्य की यूनिवर्सिटीज की ओर से जेपीएससी को रिक्त पदों की जानकारी ही नहीं दी जाती.

यूनिवर्सिटीज के रिक्त पदों पर जेपीएससी की ओर से प्रोफेसरों के नाम की अनुशंसा के बाद राज्यपाल इस पर मुहर लगाती हैं. लेकिन जेपीएससी को रिक्त पदों की जानकारी नहीं दिये जाने के कारण राज्य की यूनिवर्सिटीज में कई महत्वपूर्ण पद मनोनयन और एक्सटेंशन के भरोसे चल रहे हैं.

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कहीं एक्सटेंशन और कहीं मनोनित हैं अधिकारी

रांची यूनिवर्सिटी को ही देखें तो यहां कुलसचिव अमर कुमार चौधरी, डीएसडब्लयू पीके वर्मा, सीसीडीसी लाल गिरिजा शंकर नाथ शाहदेव एक्सटेंशन पर हैं.

जबकि ये अधिकारी 60 से ऊपर की उम्र के हैं. यूजीसी गाइडलाइंस के अनुसार, 60 साल के ऊपर के अधिकारियों को एक्टसटेंशन भी नहीं दिया जाना है.

वीसी की ओर से खुद ही राज्यपाल से अनुशंसा कर इन पदों पर पिछले दो सालों से एक्सटेंशन पर काम लिया जा रहा है. जबकि वीसी डॉ रमेश कुमार पांडे खुद भी एक्सटेंशन पर हैं. विनोबा भावे यूनिवर्सिटी में वित्त पदाधिकारी मनोनित हैं.

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क्योंकि इस यूनिवर्सिटी में राज्य सरकार की ओर से वित्त पदाधिकारी के लिये पद सृजित ही नहीं किया गया है. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी में कुलसचिव एनडी गोस्वामी, वित्त पदाधिकारी एनएन ओझा भी मनोनित हैं.

हालांकि ये स्थिति नीलांबर-पितांबर यूनिवर्सिटी, सिद्धो-कान्हू यूनिवर्सिटी, कोल्हान यूनिवर्सिटी में नहीं है.

कोयलांचल विवि के सबसे अधिक पद चल रहे मनोनयन पर

विनोद बिहारी महतो कोयलांचल यूनिवर्सिटी धनबाद को यूनिवर्सिटी का दर्जा 2017 में दिया गया. तब से अब तक इस यूनिवर्सिटी में कई महत्वपूर्ण पद मनोनय पर हैं.

क्योंकि राज्य सरकार की ओर से इसे यूनिवर्सिटी का दर्जा तो दिया गया, लेकिन पदाधिकारियेां के लिये पद ही सृजित नहीं किया गया.

इसमें कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक, वित्त पदाधिकारी जैसे पद हैं. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी में भी कई महत्वपर्ण पद सृजित नहीं किये गये.

राज्य सरकार की ओर से इन यूनिवर्सिटी के लिये पद सृजन कर अनुशंसा जेपीएससी को भेजी ही नहीं गयी है. जिसके कारण यूनिवर्सिटीज में ये स्थिति है.

बहरहाल, जिन यूनिवर्सिटीज में पदाधिकारियों के लिये पद सृजित है. वहां जेपीएससी को रिक्ति की जानकारी ही नहीं दी जाती और कुछ यूनिवर्सिटीज में पद ही सृजित नहीं किये गये है.

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