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राज्य का एकमात्र कृषि विवि का हाल: 454 शिक्षकों के पद में 405 खाली, कैसे होगी पढ़ाई!

490 सीटों में एडमिशन के लिए प्रक्रिया हुई शुरू.

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Ranchi: राज्य का एकमात्र बिरसा कृषि विवि कांके बीते 17 साल से शिक्षकों की कमी झेल रहा है. ऐसे में यहां के विभिन्न कॉलेजों में कृषि और उससे जुड़े कोर्स करने वाले स्टूडेंट्स अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं. वहीं हर साल इस विश्वविद्यालय के अधीन आने वाले कॉलेजों में झारखंड कंबाइंड परीक्षा के माध्यम से एडमिशन होता है.

इस साल भी विभिन्न कोर्स के 490 सीटों में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. ऐसे में कहा जा रहा है कि जब विश्वविद्यालय में 90 फीसदी शिक्षकों के पद खाली हैं तो हर साल नामांकन लेने के बाद पढ़ाई कैसे करायी जा सकेगी.

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शिक्षकों के 454 में 405 पद हैं खाली

हर विवि की तरह बिरसा कृषि विवि में भी प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर आदि के 454 पद हैं. इन 454 पद में से 405 पद खाली हैं. विश्वविद्यालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार विवि में प्रोफेसर के 58 पद हैं, जिसमें से 41 पद खाली हैं.

वहीं एसोसिएट प्रोफेसर के 113 पद हैं, जिसमें से 106 पद खाली हैं. असिस्टेंट प्रोफेसर के 273 पद हैं, जिसमें से 132 पद रिक्त हैं. इस तरह से कुल 454 पद से शिक्षकों के 405 पद खाली हैं. वहीं इस विवि में एडमिनिस्ट्रेटिव अधिकारियों के पद भी लंबे समय से खाली हैं.

जानकारी के अनुसार यहां वीसी, डीन, एसोसिएट डीन, डाइरेक्टर के अलावा रजिस्ट्रार के पद भी प्रभार में ही चल रहे हैं. बीते सात माह से विवि में स्थायी वीसी की नियुक्ति भी नहीं हो पायी है.

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बिरसा कृषि के 490 सीटों के लिए चल रही है एडमिशन प्रक्रिया

बिरसा कृषि विवि के तहत बैचलर ऑफ वेटनरी साइंस एंड एनिमल हसबेंडरी, बीएससी एग्रीकल्चर, बीएससी फोरेस्ट्री, बीटेक डेयरी टेक्नोलॉजी, बीटेक एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग, बैचलर ऑफ फिशरी साइंस और बीएससी हॉर्टिकल्चर कोर्स कराया जाता है. इसमें एग्रीकल्चर कोर्स के लिए 230 सीट है. यह कोर्स विवि के रांची एग्रीकल्चर कॉलेज कांके, सिदो-कान्हू कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर गोड्डा, कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर देवघर और कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर गढ़वा में करायी जाती है.

एग्रीकल्चर में सीटों की संख्या 50 है. इसकी पढ़ाई रांची फॉरेस्ट्री कॉलेज, कांके में होती है. एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में सीटों की संख्या 40 है. इसकी पढ़ाई कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग,कांके में होती है. बीएससी (प्रतिष्ठा) हॉर्टिकल्चर में सीटों की संख्या 50 है. इसकी पढ़ाई कॉलेज ऑफ होर्टिकल्चर साइंस, झींकपानी (चाईबासा) में होती है.

बीवीएससी एंड एएच पाठ्यक्रम में सीटों की संख्या 60 है. इसकी पढाई रांची पशु चिकित्सा महाविद्यालय, कांके में होती है. बीएफएससी पाठ्यक्रम में सीटों की संख्या 30 हैं और इसकी पढ़ाई कॉलेज ऑफ फिशरीज साइंस, गुमला में होगी. बीटेक (मिल्क टेक्नोलॉजी) में सीटों की संख्या 30 है. इसकी पढ़ाई फूलो झानो कॉलेज ऑफ डेयरी साइंस, हंसडीहा(दुमका) में होती है.

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एकेडमिक सेशन 2020-21 के एडमिशन शुरू

बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के विभिन्न कोर्स में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. इसमें एडमिशन टेस्ट के माध्यम से नामांकन होगा. झारखंड कंबाइंड परीक्षा बोर्ड इसके लिए एप्लीकेशन मंगा रहा है. झारखंड के स्थानीय और स्थाई निवासी ऑनलाइन आवेदन 8 अगस्त की शाम 5:00 बजे तक जमा कर सकते हैं.

बोर्ड के वेबसाइट http://jceceb.jharkhand.gov.in दिये गये लिंक में जाकर आवेदन किया जा सकता है. एप्लीकेशन शुल्क के रूप में एससी, एसटी और महिला अभ्यर्थी को 450 रुपये (पीसीबी/ पीसीएम) और 500 रुपये (पीसीबीएम) व अनारक्षित (सामान्य) और अन्य श्रेणी के लिए परीक्षा शुल्क 900 रुपये (पीसीबी- पीसीएम) और 1000 रुपये (पीसीबीएम) देने होंगे. यह शुल्क पीसीबी (फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी), पीसीएम(फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स) और पीसीएमबी (फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स और बायोलॉजी) के हिसाब से देना होगा.

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