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हजारीबाग हवाईअड्डा के लिए हुआ भूमि पूजन, 280 एकड़ में बनेगा स्टेट ऑफ दि आर्ट टर्मिनल

Hazaribagh : हजारीबाग हवाईअड्डा के लिए मंगलवार को भूमि पूजन किया गया. हजारीबाग में हवाईअड्डा निर्माण के लिए झारखंड सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ ज्वॉइंट वेंचर किया गया है. हजारीबाग हवाईअड्डे का निर्माण 280 एकड़ जमीन पर आरसीएस उड़ान-3 के तहत किया जाना है. यहां स्टेट ऑफ दि आर्ट टर्मिनल का निर्माण किया जायेगा. इसमें हजारीबाग से पटना और कोलकाता के लिए सीधी उड़ान की सुविधा होगी. निर्माण कार्य प्रारंभ के लिए निविदा प्रकाशित कर दी गयी है. भूमि पूजन कार्यक्रम में झारखंड सरकार के नगर विकास मंत्री सीपी सिंह और केंद्रीय नागर विमानन राज्यमंत्री सह हजारीबाग सांसद जयंत सिन्हा के साथ सदर विधायक मनीष जायसवाल ने संयुक्त रूप से किया.

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राष्ट्रीय स्तर का होगा यह हवाईअड्डा

हजारीबाग हवाईअड्डे का निर्माण के लिए 194 करोड़ रुपये की राशि की स्वीकृति राज्य परिषद से प्राप्त हुई है. जमीन अधिग्रहण के लिए धारा-11 की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है. हवाईअड्डा निर्माण के साथ हजारीबाग शहर भी हवाई पट्टी से जुड़ जायेगा. हजारीबाग में राष्ट्रीय स्तर का हवाईअड्डा बनेगा. इसमें चुरचू और नगवां गांव की जमीन का अधिग्रहण किया जाना है, जिसके लिए हजारीबाग जिला प्रशासन द्वारा कार्य तेजी से किया जा रहा है. नगवां और चुरचू गांव के अलावा आस-पास में जमीन चिह्नित की गयी है. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय और राज्य सरकार ने हजारीबाग हवाईअड्डा को क्षेत्रीय विमान संपर्कता में शामिल किया था.

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उलेखनीय है कि जयंत सिन्हा ने राज्यमंत्री पद संभालने के बाद हवाईअड्डा के विकास की योजना को प्राथमिकता में शामिल किया था. 1833 में हजारीबाग जिला की स्थापना हुई. अक्टूबर 1886 में सरकारी अधिसूचना के तहत हजारीबाग नगरपालिका की स्थापना हुई. उस समय हजारीबाग की जनसंख्या 10 हजार से अधिक थी. संयुक्त बिहार का हजारीबाग एक महत्वपूर्ण जिला होने के कारण 1951 में हजारीबाग में हवाईअड्डा बनाया गया था. उस वक्त नागर विमानन का सिग्नल टावर हजारीबाग के नगवां सिंदूर में लगा था. यहां पूर्व में बने सीमेंट का स्टेज आज भी बना हुआ है. इसके अलावा कई एकड़ जमीन साल 2000 तक रही. झारखंड राज्य निर्माण के बाद से ही हजारीबाग में हवाईअड्डा बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी थी. हजारीबाग हवाईअड्डा के लिए स्थल निरीक्षण के बाद जो प्रस्तावित जमीन की स्वीकृति दी गयी थी, उसके अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभाग पूरी कर ली गयी है.

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