न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

राज्यस्तरीय जनसंवाद की टीम ने 145 प्रतिभागियों को दी जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी

112

Ranchi : मुख्यमंत्री जनसंवाद की राज्यस्तरीय टीम द्वारा रांची जिले की तरंगा पंचायत में आयोजित जनजागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत जनसंवाद टीम के पारंपरिक तरीके से स्वागत से की गई. मुखिया ने  प्रथम बार योजनाओं के प्रचार-प्रसार कार्यक्रम उनके पंचायत भवन में करने के निर्णय के लिए जनसंवाद टीम को धन्यवाद दिया. कार्यक्रम में मुख्य रूप से आयुष्मान भारत योजना, मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, झारखंड श्रमिक पेंशन योजना, झारखंड जलाहार योजना, छात्रवृत्ति योजना, लक्ष्मी लाडली योजना, साइकिल वितरण योजना, उद्यमी सखी मंडल योजना, शादी-शगुन योजना, शिक्षा विकास योजना, फसल बीमा योजना, दुधारू मवेशी वितरण योजना सहित लगभग 15 से ज्यादा योजनाओं के बारे में लोगों को बताया गया.

इसे भी पढ़ें- छह साल में भी पूरा नहीं हो पाया रांची शहरी जलापूर्ति फेज-1 का काम

आपातकालीन स्थिति में जनसंवाद सहकर्मी से सहयोग लेने के लिए संपर्क करें

जनजागरूकता कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र (संवाद एवं समाधान) के प्रतिनिधि मिथिलेश सिंह ने जनसंवाद केंद्र का संक्षिप्त परिचय व कार्यप्रणाली सहित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी. साथ ही लोगों से 181 पर फोन कर योजनाओं की जानकारी लेने सहित आपातकालीन स्थिति में जनसंवाद सहकर्मी से सहयोग लेने के लिए संपर्क करने हेतु प्रेरित किया.

जनजागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का प्रयास

कार्यक्रम में टीम के लोगों ने कहा कि लोगों को मिलनेवाली सुविधाओं को खुद से जागरूक होकर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से पता करना होगा, तब धरातल पर आपका विकास दिखेगा. सरकार एवं जनसंवाद की टीम गांव-ग्रामीण तक पहुंच रही है. मौके पर उपस्थित ग्रामीणों ने जनजागरूकता कार्यक्रम की सराहना की. कई ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र की कार्यप्रणाली व जनजागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के प्रयास को सराहा और कहा कि ऐसे कार्यक्रम का आयोजन नियमित रूप से होना चाहिए, ताकि गांव के अंतिम व्यक्ति को योजनाओं का लाभ मिल सके.

इसे भी पढ़ें- राज्य में सामाजिक सुरक्षा योजना का हाल बेहाल, 8.5 लाख वृद्ध पेंशन से वंचित

LED  वैन से आयुष्मान भारत योजना और चलो जीते हैं लघु फिल्म का प्रसारण

कार्यक्रम में LED  वैन से आयुष्मान भारत योजना और चलो जीते हैं लघु फिल्म का प्रसारण लिया गया. पंचायत की मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, आंगनबाड़ी सेविका, राशन डीलर, वार्ड सदस्य, पंचायत व ग्राम स्तर के जनप्रतिनिधि, सरकारी कार्यकर्ता,  कार्यकर्ता सहित 145 की संख्या में प्रतिभागी मौजूद थे. मौके पर पंचायत प्रतिनिधियों को योजनाओं की जानकारी लेने, शिकायत व सुझाव दर्ज कराने के लिए 181 पर कॉल करने या रांची जिले के शिकायत निवारक समन्वयक- संदीप कुमार बड़ाईक से जिला जनसंपर्क कार्यालय, रांची में संपर्क करने की सलाह दी गयी.

इसे भी पढ़ें- कांग्रेस के निगम घेराव कार्यक्रम में एस्सेल इन्फ्रा से कमीशनखोरी का मामला गरमाया

शिकायतों के लिए लगा विशेष शिविर

कार्यक्रम के अंत में जनशिकायतों को प्राप्त करने के लिए 15 मिनट का एक विशेष शिविर लगाया गया. इसमें लगभग 15 शिकायती आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें लेप्सर प्राथमिक स्कूल तक पीसीसी सड़क बनवाने की मांग प्रमुख रही. प्रतिभागियों ने मुख्य रूप से खाद्य आपूर्ति से जुड़ी शिकायत,  अम्बेडकर आवास योजना का लाभ, पेंशन राशि, स्वास्थ्य व शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार संबंधी बातों को प्रकाश में लाया.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें
स्वंतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकट लगातार गहराता जा रहा है. भारत के लोकतंत्र के लिए यह एक गंभीर और खतरनाक स्थिति है.इस हालात ने पत्रकारों और पाठकों के महत्व को लगातार कम किया है और कारपोरेट तथा सत्ता संस्थानों के हितों को ज्यादा मजबूत बना दिया है. मीडिया संथानों पर या तो मालिकों, किसी पार्टी या नेता या विज्ञापनदाताओं का वर्चस्व हो गया है. इस दौर में जनसरोकार के सवाल ओझल हो गए हैं और प्रायोजित या पेड या फेक न्यूज का असर गहरा गया है. कारपोरेट, विज्ञानपदाताओं और सरकारों पर बढ़ती निर्भरता के कारण मीडिया की स्वायत्त निर्णय लेने की स्वतंत्रता खत्म सी हो गयी है.न्यूजविंग इस चुनौतीपूर्ण दौर में सरोकार की पत्रकारिता पूरी स्वायत्तता के साथ कर रहा है. लेकिन इसके लिए जरूरी है कि इसमें आप सब का सक्रिय सहभाग और सहयोग हो ताकि बाजार की ताकतों के दबाव का मुकाबला किया जाए और पत्रकारिता के मूल्यों की रक्षा करते हुए जनहित के सवालों पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाए. हमने पिछले डेढ़ साल में बिना दबाव में आए पत्रकारिता के मूल्यों को जीवित रखा है. इसे मजबूत करने के लिए हमने तय किया है कि विज्ञापनों पर हमारी निभर्रता किसी भी हालत में 20 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो. इस अभियान को मजबूत करने के लिए हमें आपसे आर्थिक सहयोग की जरूरत होगी. हमें पूरा भरोसा है कि पत्रकारिता के इस प्रयोग में आप हमें खुल कर मदद करेंगे. हमें न्यूयनतम 10 रुपए और अधिकतम 5000 रुपए से आप सहयोग दें. हमारा वादा है कि हम आपके विश्वास पर खरा साबित होंगे और दबावों के इस दौर में पत्रकारिता के जनहितस्वर को बुलंद रखेंगे.

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Open

Close
%d bloggers like this: