न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

राज्य की कानून व्यवस्था रघुवर सरकार के नियंत्रण में नहीं : बाबूलाल मरांडी

139

Ranchi : झारखंड विकास मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने अपराधियों द्वारा लूटपाट में मारे गये रांची के चावल व्यवसायी नरेंद्र सिंह होरा के परिजनों से मिलने पीपी कंपाउंड पहुंचे और शोकाकुल परिवार से मिलकर ढांढ़स बंधाया एवं घटना की जानकारी ली. इसके बाबूलाल मरांडी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राज्य में कानून का इकबाल समाप्त हो चुका है. पिछले तीन दिनों से राजधानी में लगातार हत्या एवं लूट की घटनाएं हो रही हैं. नरेंद्र सिंह होरा की हत्या के बाद राज्य के मुख्यमंत्री ने 72 घंटों में अपराधियों को पकड़ने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज 72 घंटे के बाद भी पुलिस अपराधियों तक नहीं पहुंच पायी. एक जनवरी 2018 से पांच अक्टूबर तक राजधानी में 128 लोगों की हत्या कर दी गयी. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि राजधानी में लॉ एंड ऑर्डर की क्या स्थिति है.

इसे भी पढ़ें- NIA की हजारीबाग में बड़ी कार्रवाई, आम्रपाली-मगध कोलियरी में लेवी के मामले में बीजीआर के जीएम रघुराम…

‘थाना से लेकर सीएम हाउस तक हर महीने पहुंचते हैं करोड़ों रुपये’

रघुवर सरकार पर निशाना साधते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जिस राज्य के थाने से सीएम हाउस तक करोड़ों रुपये हर महीने पहुंचते हों, उस राज्य की कानून व्यवस्था ऐसी ही हो सकती है. उन्होंने कहा कि राजधानी की पुलिस जगह-जगह पर खड़ी तो दिखती है, लेकिन वसूली के लिए. जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के पास थाने की कंट्रोल पावर नहीं है, बल्कि थाने मुख्यमंत्री आवास से डील हो रहे हैं. बाबूलाल मरांडी ने कहा, “हमें जानकारी मिली है कि थाना स्तर के पुलिस पदाधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग में सत्ता के गलियारों तक पैसा पहुंचता है.” उन्होंने कहा कि जहां पुलिस-प्रशासन का ट्रांसफर में सरकार के लोगों द्वारा पैसा वसूला जाता हो, वहां की पुलिस से कोई उम्मीद नहीं की जा सकती है. मरांडी ने कहा कि सरकार नरेंद्र होरा के हत्यारों को अविलंब गिरफ्तार करवाये, अन्यथा हमारी पार्टी राजधानी ही नहीं, पूरे राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर आंदोलन करेगी. नरेंद्र सिंह होरा के परिजनों से मिलनेवालों में बाबूलाल मरांडी के साथ पार्टी के केंद्रीय सचिव राजीव रंजन मिश्रा, महानगर अध्यक्ष सुनील गुप्ता, शोभा यादव, मीडिया प्रभारी तौहीद आलम, मुजीब कुरैशी, जितेंद्र वर्मा, नजीबुल्लाह खान, अकबर कुरैशी, मो रॉकी, मो. मोहसिन खान, साजिद उमर सहित दर्जनों कार्यकर्ता शामिल थे.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: