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नई बोतल में पुरानी शराब बेचना चाहती है रघुवर सरकार

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  • केंद्र द्वारा पहले से ही लोन देने का है प्रावधन 
  • लेकिन राज्य सरकार इसका प्रचार-प्रसार नहीं करा रही
  • ग्रामीण युवा की टीम को बस लेने के लिए लोन देगी राज्य सरकार 

Chandan Choudhary 

Ranchi : ग्रामीणों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए राज्य एवं केंद्र सरकार योजनाओं को लागू करती है. लेकिन योजनाओं का सफलता पूर्वक क्रियान्वयन नहीं होने से राज्य के ग्रामीणों को योजना का लाभ नहीं मिल पाता. विशेष कर चुनाव के वक्त ग्रामीणों को एजेंडा बनाकर वोट पाने के लिए यह फार्मूला लागू किया जाता है. रघुवर सरकार भी कुछ ऐसा ही करती दिख रही है. यह सरकार नई बोतल में पुरानी शराब बेचना चाहती है. दरअसल इस सरकार ने एक बार फिर से ग्रामीणों को लुभाने के लिए परिवहन सुधारने का सहारा लिया है. रघुवर सरकार गांव के युवाओं को परिवहन व्यवस्था में सुधार लाने के लिए युवाओं की टीम बना कर लोन उपलब्ध कराने की बात कर रही है. एक बार पहले भी गांव के युवाओं को लोन देकर बस उपलब्ध कराया गया था. इसमें दस युवाओं की एक टीम बनाई जाती थी और उन्हें बैंक द्वारा लोन कराकर बस उपलब्ध करायी जाती थी. 10 युवाओं की टीम के कारण यह बस दस मुड़िया बस के नाम से खूब चर्चे में थी. इस योजना के तहत लगभग 400 से अधिक बसें ग्रामीण युवाओं के लिए उपलब्ध करायी गयी. लेकिन उन बसों का संचालन ठीक से नहीं हो पाया और सभी बसें या तो कबाड़ हो गयीं या उसे किसी और को बेच दिया गया. सरकार एक बार फिर उसी पुराने ढर्रे पर चलते हुए युवाओं को व्यवस्था के तहत लोन देने की बात कर रही है.

स्टैंड अप इंडिया के तहत पहले से ही ग्रामीणों को दिया जा रहा है लोन

रघुवर सरकार जिस योजना के तहत युवाओं को परिवहन व्यवस्था के लिए सुधार लाने की घोषणा कर रही है, वह पहले से ही केंद्र द्वारा देश भर में चलाया जा रहा है. केंद्र की स्टैंड अप योजना के तहत ग्रामीण एसटी, एससी और महिलाओं को परिवहन में रोजगार के लिए लोन दिया जाता है. इसमे कम से कम 10 लाख और अधिकतम एक करोड़ रुपए तक लोन देने का प्रावधान है. लेकिन राज्य सरकार द्वारा इस योजना का प्रचार-प्रसार वृहत रुप से किया नहीं गया. जिस कारण झारखंढ के गांव-गांव में इसकी पहुंच नहीं बन सकी और ग्रामीण इसका लाभ नहीं ले पाये. लेकिन 2019 के चुनाव को देखते हुए रघुवर सरकार इसी योजना के माध्यम से ग्रामीणों में अपनी पैठ बनाना चाह रही है.

क्या है स्टैंड अप योजना

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला उद्यमियों के लिए केंद्र द्वारा 5 अप्रैल 2016 को स्टैंड अप योजना का शुभारंभ किया गया था. इसमे ग्रामीण एसटी, एससी और महिला उद्यमियों को अपना व्यापार आरंभ करने के लिए कम से कम 10 लाख और अधिक से अधिक एक करोड़ रुपए तक लोन के रूप में दिया जाता है. इस लोन को चुकाने के लिए 18 माह से लेकर सात साल तक का समय दिया जाता है. नये उद्यमियों को प्रेरित किया जा सके और नए उद्यम स्थापित करने के उद्देश्य से इस योजना को लागू किया गया था.

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