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गेतलसूद फूड पार्क से सबक लेकर ही खाद्य प्रसंस्करण के नये उद्यम पर विचार करे राज्य सरकार : महेश पोद्दार

राज्यसभा में महेश पोद्दार के प्रश्न पर सरकार ने कहा-मिली थी कई शिकायतें, बरती गयी अनियमितता

Ranchi: राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने कहा है कि झारखंड में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का विकास वक्त की मांग है और राज्य की वर्तमान सरकार इसके लिए बड़े-बड़े वादे-दावे भी कर रही है. लेकिन जबतक राज्य की प्रशासनिक मशीनरी की कार्यसंस्कृति में सकारात्मक बदलाव नहीं आता, इसकी कल्पना बेमानी है. पोद्दार ने शुक्रवार को राज्यसभा में पूछे गए अपने एक प्रश्न के सरकार द्वारा दिये गए उत्तर के आधार पर ये बातें कही हैं.

पोद्दार ने झारखंड के रांची जिले के गेतलसूद स्थित मेगा फूड पार्क से संबंधित प्रश्न राज्यसभा में उठाया था. लिखित उत्तर देते हुए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्यमंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने बताया कि 30 मार्च 2009 को स्वीकृत गेतलसूद के मेगा फूड पार्क परियोजना को 24 सितंबर 2019 को रद्द करना पड़ा.

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मंत्रालय को इस परियोजना के कार्यान्वयन के संबंध में कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं. अनुमोदन के बावजूद एसपीवी केन्द्रीय प्रसंस्करण केंद्र (सीपीसी) और प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र (पीपीसी) पर अनुमोदित सुविधाओं को पूर्ण नहीं कर पाया और परियोजना की प्रगति संतोषजनक नहीं पायी गयी.

इस परियोजना को एमएफपीआई से 50 करोड़ रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ था. इसके अलावा परियोजना के कार्यान्वयन हेतु एसपीवी द्वारा 33.95 करोड़ रुपये के टर्म लोन की सहायता ली गयी है. ऋणदाता बैंक (इलाहाबाद बैंक) की सूचना के अनुसार टर्म लोन एनपीए हो गया है और मामला राष्ट्रीय कम्पनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) के अंतर्गत है.

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उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने झारखंड गेतलसूद मे मेगा फूड पार्क की स्वीकृति दी थी. मेसर्स झारखंड मेगा फूड पार्क प्राईवेट लिमिटेड को एसपीवी बनाया गया था.

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मंत्रालय को इस परियोजना के कार्यान्वयन के संबंध में शिकायतें प्राप्त हुई हैं. वर्ष 2009 में दिए गए तदनुसार, परियोजना को दिया गया अंतिम अनुमोदन दिनांक 24.09.2019 को रद्द कर दिया गया.

पोद्दार ने कहा है कि राज्य में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को निःसंदेह बढ़ावा दिया जाना चाहिये. लेकिन इस दिशा में किसी भी पहल से पूर्व राज्य सरकार को गेतलसूद मेगा फूड पार्क के अनुभवों को अवश्य ध्यान में रखना चाहिये.

बेहतर होगा, यदि गेतलसूद मेगा फूड पार्क को इस अधोगति तक पहुंचाने वाले तत्वों को चिन्हित करते हुए उनके खिलाफ समुचित कार्रवाई भी की जाय.

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