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सुखाड़ से निपटने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र से मांगे 818 करोड़

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  • राज्य के 18 जिलों के 129 प्रखंडों मेंसुखाड़ की स्थिति
  • केंद्रीय दल ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव केसाथ किया मंथन, मुआयना के लिए तीन टीमें रवाना, हर टीम दो-दोजिलों में सुखाड़ का लेगी जायजा
  • मिनिस्ट्री ऑफ एग्रीकल्चर एंड फार्मर्स वेलफेयरके संयुक्त सचिव अतीश चंद्रा कर रहे हैं टीम का नेतृत्व

Ranchi : झारखंडसरकार ने सुखाड़ से निपटने के लिएकेंद्र से 818 करोड़ रुपये मांगे हैं. राज्य के 18जिलों के 129 प्रखंडों में सुखाड़ की स्थिति है. गृह व आपदा विभाग ने मैनुअल 2016 के प्रावधानों के अनुसार इन प्रखंडों कोसुखाड़ग्रस्त घोषित करने का आदेश जारी किया. शुक्रवार को केंद्रीय दल नेमुख्यमंत्री रघुवर दास और मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी से सुखाड़ पर चर्चा की. इसकेबाद केंद्रीय टीम सुखाड़ग्रस्त क्षेत्रों का मुआयना करने के लिए रवाना हो गयी.

टीम को तीन हिस्सों में बांटा गया है

सुखाड़ का जायजा लेने झारखंड आयी केंद्रीय टीम का नेतृत्व मिनिस्ट्री ऑफ एग्रीकल्चर एंड फार्मर्स वेलफेयर के संयुक्त सचिव अतीश चंद्रा कर रहे हैं. टीम को तीन अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है. पहली टीम में चंद्रा के अलावा राइस डिवीजन पटना के डायरेक्टर वीरेंद्र सिंह, फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन विभाग के डीजीएम सुरेश मींस व पशुपालन विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर दयानंद सावंत शामिल हैं. पहली टीम पलामू और गढ़वा का मुआयना करेगी. वहीं, दूसरी टीम में संयुक्त निदेशक सूरज कुमार प्रधान, जल संसाधन विभाग के निदेशक अखिलेश कुमार व पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कंसल्टेंट शामिल हैं. यह टीम पाकुड़ और दुमका का मुआयना करेगी. तीसरी टीम में एमएनसीएफसी के एसएस राय, रूरल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के माणिक चंद पंडित और नीति आयोग के रिसर्च ऑफिसर वी गणेश शामिल हैं. यह टीम कोडरमा और गिरिडीह का मुआयना करेगी. तीनों टीमें 7 से 9 दिसंबर तक राज्य के विभिन्न सूखाग्रस्त इलाकों का मुआवयना कर रिपोर्ट तैयार करेंगी.

सहायता के लिए पांच विभागों के समन्वय से करायागया आकलन

गृह सचिव एसकेजी रहाटे ने बताया कि सुखाड़ से निपटने के लिए राज्य सरकार ने 816 करोड़ रुपये का पैकेज मांगा है. सुखाड़ के मद्देनगर मेमोरेंडम फॉर फाइनेंशियल असिस्टेंस ऑफ ड्रॉट इन झारखंड 2018 तैयार करने के लिए कृषि सचिव की अध्यक्षता में समिति बनायी गयी थी. इसके बाद सुखाड़ में सहायता के लिए पांच विभागों के समन्वय से आकलन कराया गया. सिंचई विभाग के लिए 232 करोड़, पेयजल विभाग के लिए 102, स्वास्थ्य विभाग के लिए दो, पशुपालन के लिए 122 करोड़, मत्स्य के लिए 98 करोड़ और कृषि इनपुट सब्सिडी के लिए 260 करोड़ की मांग की गयी है.

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किसानों और पंचायत प्रतिनिधियों से बात करेगीटीम : अतीश चंद्रा

सुखाड़ टीम का नेतृत्व कर रहे मिनिस्ट्री ऑफएग्रीकल्चर एंड फार्मर्स वेलफेयर के संयुक्त सचिव अतीश चंद्रा ने कहा कि खुखाड़ग्रस्तक्षेत्रों के किसानों और पंचायत प्रतिनिधियों से बात की जायेगी. टीम के सभी सदस्यविशेषज्ञ हैं. क्षेत्र भ्रमण के बाद और कुछ सूचना की जरूरत होगी, तोवह भी मांगेंगे. पूरी तरह से सुखाड़ग्रस्त इलाकों का आकलन किया जायेगा. एक सप्ताहमें केंद्र को प्रतिवेदन सौंप दिया जायेगा.

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