JharkhandRanchi

राज्य सरकार अराजपत्रित कर्मियों को कर रही नजरअंदाज, एक लाख 80 हजार लोगों में असंतोष: संघ

  • बोनस की घोषणा करे सरकार, समय-समय पर हुए अलग-अलग समझौतों पर पहल करे

Ranchi: राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों को नजरअंदाज कर रही है जिससे राज्य के अराजपत्रित कर्मचारियों में असंतोष है. उक्त बातें झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महामंत्री अशोक कुमार सिंह ने कही.

Jharkhand Rai

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अपने कर्मियों को दुर्गा पूजा के पहले बोनस की घोषणा की जबकि राज्य सरकार ने अब तक इस पर कोई पहल नहीं की है. ऐसे में जरूरी है कि राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए बोनस की घोषणा करे.

अशोक कुमार ने कहा कि राज्य के अराजपत्रित कर्मचारी अपनी मांगों के लिए हमेशा संघर्षरत रहते हैं. सरकारें कभी इनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती जिनकी संख्या राज्य में लगभग एक लाख 80 हजार है. पिछले कुछ साल से अलग -लग मांगों के लिये अराजपत्रित कर्मियों ने आंदोलन किये. कई समझौते हुए लेकिन फिर इस पर कोई पहल नही हुई.

इसे भी पढ़ें – दाल की महंगाई ने भोजन का घटाया जायका

Samford

राज्य में लागू हो केंद्रीय वेतनमान

प्रदेश अध्यक्ष डॉ मनोज कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य में केंद्रीय वेतनमान लागू है. जब भी केंद्र सरकार कर्मियों के वेतन में बढ़ोतरी करती है. तब राज्य के कर्मियों के वेतन-भत्ते में भी बढ़ोतरी होती है. ऐसे में जरूरी है कि राज्य सरकार भी कर्मियों के लिये बोनस की घोषणा करें. इन्होंने बताया कि एक लाख 80 हजार सिर्फ सरकारी अराजपत्रित कर्मचारियों की संख्या है. इसके साथ ही इसमें आंगनबाड़ी कर्मी, सेविका, सहायिका, रसोइया, पोषण सखी समेत सभी संविदा और अनुबंध कर्मियों की संख्या है.

इसे भी पढ़ें – मेदिनीनगर में मिलावटी सरसों तेल और चावल बेचने के आरोप में दो किराना दुकान सील

पहले किये गये समझौतों को लागू करे सरकार

महामंत्री अशोक कुमार ने कहा कि पिछले कुछ साल में समय-समय पर अलग-अलग कर्मियों के साथ सरकार ने समझौता किया. इसमें पंचायत सचिवालय कर्मी, आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका, सहिया, अनुसचिव कर्मचारियों के साथ किया. अब जरूरी है कि इनके साथ हुए समझौते को राज्य सरकार लागू करें. साथ ही कहा कि महासंघ की ओर से लगातार मांग की गयी है कि नयी पेंशन स्कीम को रद्द करते हुए पुरानी पेंशन स्कीम लागू की जाये.

इसे भी पढ़ें – खेत में काम कर तालाब में हाथ-पांव धोने गये किसान की डूबने से मौत

Advertisement

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: