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जहरीली शराब से मौत मामले में राज्य सरकार दोषी, इस्तीफा दें सीएम : झाविमो

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Ranchi : झाविमो के केंद्रीय प्रवक्ता योगेंद्र प्रताप सिंह ने 29 सितंबर की देर रात गोंदा थानांतर्गत हातमा बस्ती स्थित झंडा चौक मुहल्ले में कथित रूप से जहरीली शराब से पांच लोगों की मौत व कई अन्य की स्थिति गंभीर होने के मामले में सीधे तौर पर झारखंड सरकार की नीति को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा है कि जब मुख्यमंत्री आवास के थाना क्षेत्र का यह आलम है, तो दूसरी जगहों की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है. राजधानी में जहरीली शराब के सेवन से लगातार हो रही मौत की घटनाओं पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित रहने के कारण विभागीय मंत्री होने के नाते सीएम को अपने पद पर एक पल भी बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि सीएम में अगर थोड़ी भी नैतिकता है, तो उन्हें अविलंब इस्तीफा दे देना चाहिए.

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“अवैध शराब कारोबार में सरकार व प्रशासन की संलिप्तता प्रतीत होती है”

योगेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि कितनी हास्यास्पद बात है कि एक ओर सरकार नशामुक्त गांव को एक लाख प्रोत्साहन राशि देने का एलान करती है, तो दूसरी तरफ खुद गांव-गांव में मयखाने खुलवाकर लोगों को शराब का सेवन करने के लिए प्रेरित करती है. सिंह ने कहा कि पिछले साल डोरंडा व अन्य स्थानों पर जहरीली शराब के सेवन से हुई डेढ़ दर्जन से अधिक मौतों के बाद भी राज्य सरकार की नींद नहीं खुली. अगर सरकार अवैध शराब के कारोबार पर गंभीर रही होती, तो आज इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होती. सवाल है कि आखिर रघुवर सरकार और कितनी मौतों का इंतजार कर रही है? कहीं न कहीं अवैध शराब के कारोबार में सरकार व प्रशासन के लोगों की संलिप्तता प्रतीत होती है. झाविमो की मांग है कि सर्वप्रथम बिना इफ-बट के झारखंड में अविलंब शराबबंदी हो और साथ ही सभी मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा राशि दी जाये. अगर हम विपक्षी पार्टियों की सलाह सीएम साहब को नागवार गुजरती हो, तो पड़ोसी राज्य बिहार के अपने वर्तमान राजनीतिक सखा से ही प्रेरणा लेकर झारखंड में भी अविलंब शराबबंदी करें. अगर सरकार अब नहीं चेती, तो जोरदार आंदोलन किया जायेगा.

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आम आदमी पार्टी ने भी घटना को निंदनीय करार दिया

आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण मुंडा ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राज्य की रघुवर सरकार से उनलोगों के परिजनों को दस-दस लाख रुपये सहयोग राशि देने की मांग की है. मुंडा ने कहा कि अवैध शराब का कारोबार पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर फैला हुआ है. ऐसी घटनाएं पुलिस-प्रशासन और अवैध शराब बनानेवाले माफिया से सांठ-गांठ का परिणाम है, जिस कारण शहर की हर बस्ती में अवैध शराब कारोबारी अपनी शराब को गली-मुहल्ले में बिक्री करवाते रहे हैं. हातमा की घटना राज्य की रघुवर सरकार को मुंह चिढ़ा रही है. जहां घटना हुई है, वह मुख्यमंत्री आवास, मुख्य न्यायाधीश आवास से महज पांच सौ मीटर दूर है. इसी से पता चलता है कि झारखंड में शासन कैसा चल रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे.

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