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तीन करोड़ 63 लाख रुपये बर्बाद करने जा रही राज्य सरकार

गोमिया में पहले से है शानदार प्रखंड कार्यालय, फिर भी नये भवन का हो गया शिलान्यास

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Kumar Gaurav
Ranchi/Gomia : राज्य सरकार अपने तीन करोड़ 63 लाख रुपये बर्बाद करने जा रही है. गरीबों और जनता के काम आ सकनेवाले इतने पैसों का इस्तेमाल गोमिया के नये प्रखंड कार्यालय बनाने के लिए होनेवाला है. ऊपर लगी तस्वीर साफ बयां कर रही है कि मौजूदा प्रखंड कार्यालय कहीं से जर्जर नहीं है. अगर सरकार और कमरों का निर्माण इस भवन में करना चाहती है, तो उसके लिए पर्याप्त जगह है. गोमिया प्रखंड कार्यालय अभी जिस भवन में चल रहा है, उसका निर्माण 13 साल पहले 55 लाख रुपये खर्च कर बनाया गया था. भवन की स्थिति अभी भी काफी बेहतर और शानदार है. प्रखंड के विकास के लिए कार्यों के संचालन में इस भवन में किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं आ रही है. इसके अलावा हाल ही में 20 लाख रुपये खर्च कर इसे और संवारा गया है. इसके बावजूद नया प्रखंड कार्यालय भवन बनना समझ से परे है.

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प्रखंड के कर्मचारी-चपरासी जर्जर सरकारी भवन में रहने को मजबूर

तीन करोड़ 63 लाख रुपये बर्बाद करने जा रही राज्य सरकार
वह जर्जर भवन, जहां गोमिया प्रखंड कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी-चपरासी रहने को हैं मजबूर.

ताज्जुब यह देखकर होता है कि जहां दुरुस्त प्रखंड कार्यालय होते हुए भी नया भवन बनाया जा रहा है, वहीं प्रखंड के कर्मचारी और चपरासी ऐसे सरकारी भवनों में रहने को मजबूर हैं, जहां मवेशी भी शायद नहीं रहें. नये भवन का शिलान्यास करनेवालों को आकर कर्मियों के क्वार्टर का शौचालय एक बार जरूर देखना चाहिए. प्रखंड की उपप्रमुख मीना देवी ने इस पर आपत्ति जतायी है. उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि इस राशि की उपयोगिता प्रखंड के दूसरे उपयोगी कामों में हो.

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विधायक बबिता देवी और सांसद रविंद्र कुमार पांडेय ने किया है नये भवन का शिलान्यास

तीन करोड़ 63 लाख रुपये के खर्च से बननेवाले इस नये प्रखंड कार्यालय भवन का शिलान्यास भी हो चुका है. शिलान्यास गोमिया की विधायक बबिता देवी और गिरिडीह के सांसद रविंद्र कुमार पांडेय ने किया. इस पर आपत्ति दर्ज कराते हुए गोमिया प्रखंड की उपप्रमुख ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पैसे का सही उपयोग करते हुए कर्मचारियों और चपरासियों के जर्जर आवास को बनाने में खर्च करने का आग्रह किया है. उपप्रमुख ने पत्र में लिखा है कि इतने पैसे से गोमिया प्रखंड कार्यालय के साथ-साथ आवासीय परिसर भी सुदृढ़ हो जायेगा.

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उच्चस्तरीय जांच की उपप्रमुख ने की मांग

गोमिया प्रखंड की उपप्रमुख मीना देवी ने मुख्यमंत्री से इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. उन्होंने पत्र लिखते हुए मांग की है कि आखिर किन परिस्थितियों में नये भवन के निर्माण की अनुशंसा की गयी है, इसकी जांच होनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि भवन निर्माण के नाम पर ठेकेदार और खास व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है.

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1957-58 में बना था स्टाफ क्वार्टर, शौचालय भी नदारद

तीन करोड़ 63 लाख रुपये बर्बाद करने जा रही राज्य सरकार

गौरतलब है कि एक ओर जहां बने हुए भवन के बदले करोड़ों खर्च कर अन्य जगह पर नये भवन का निर्माण होने जा रहा है, वहीं उसी प्रखंड कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी और चपरासी जर्जर भवन में रहने को मजबूर हैं. जिस भवन में वे रह रहे हैं, उसका निर्माण 1957-58 में कराया गया था. 60 साल के बाद ये भवन जर्जर हो चुका है. शौचालय का उपयोग भवन के पीछे गड्ढा खोदकर करने को मजबूर हैं. सरकारी कर्मचारी जान जोखिम में रखकर उन भवनों में रह रहे हैं.

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