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राज्य की पहली बर्खास्त महिला IAS ज्योत्सना ने सात साल से नहीं दिया है प्रॉपर्टी का ब्योरा

Ranchi : राज्य की पहली महिला आईएएस अफसर ज्योत्सना वर्मा रे बर्खास्त तो हो गयीं, लेकिन उन्होंने 2011 से 2018 तक अपनी संपत्ति का विवरण नहीं दिया है. अब कार्मिक विभाग ज्योत्सना वर्मा रे से संपत्ति का विवरण मांग रहा है. कई बार रिमाइंडर भी भेजा गया, लेकिन उसका जवाब अब तक कार्मिक विभाग को नहीं मिला है. उल्लेखनीय है कि ज्योत्सना वर्मा रे 1992 बैच की आईएएस अफसर हैं.

प्रतिनियुक्ति में जाने के बाद  नहीं लौटीं

ज्योत्सना वर्मा रे प्रतिनियुक्ति में जाने के बाद वापस झारखंड कैडर में योगदान नहीं दिया. वह मनीला में विश्व बैंक में प्रतिनियुक्ति में थीं. प्रतिनियुक्ति की अवधि समाप्त होने के बाद भी वह वहीं बनी रहीं. राज्य सरकार ने छह बार उन्हें रिमाइंडर भेजा, लेकिन उन्होंने इसका जवाब नहीं दिया. प्रावधान के अनुसार पांच साल तक प्रतिनियुक्ति में पदस्थापित रहा जा सकता है. उसके बाद वापस अपने कैडर में योगदान देना जरूरी है. उनकी प्रतिनियुक्ति की अवधि तीन साल पहले ही पूरी हो गयी थी. इसके बावजूद उन्होंने सरकार को जवाब नहीं दिया. इसके बाद राज्य सरकार ने कार्मिक मंत्रालय को पूरी रिपोर्ट सौंपी है. रिपोर्ट सौंपने के बाद उनकी बर्खास्तगी का आदेश जारी कर दिया गया.

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अब तक 16 अफसरों ने नहीं दिया है संपत्ति का विवरण

अब तक झारखंड कैडर के 16 आईएएस अफसरों ने संपत्ति का विवरण नहीं दिया है. इसमें मीना ठाकुर, नंद किशोर मिश्र, एसके सत्पथी, ज्योत्सना वर्मा रे, राजीव अरुण एक्का, ब्रजमोहन कुमार, विनोद शंकर सिंह, अरविंद कुमार, बिरसाय उरांव, रमेश कुमार दुबे, मनोज कुमार, राजीव रंजन, राय महिमापत रे, संदीप सिंह और आदित्य रंजन शामिल हैं.

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