न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

रघुवर सरकार के शासन में राज्य के किसान कर रहे आत्महत्या, मुख्यमंत्री इस्तीफा दें : बंधु तिर्की

20

Gumla : राज्य में बदहाल किसानों और किसानों की अत्महत्या के सवाल पर बंधु तिर्की ने रघुवर सरकार से इस्तीफा मांगा है. गुमला जिला के सिसई प्रखंड में मृतक किसान शिवनाथ उरांव के परिवार से मिलने शनिवार को पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की उनके गांव गोकुलपुर पतराटोली पहुंचे और परिवार का हाल-चाल जाना. घर के अंदर खाली पड़ा गैस सिलिंडर एवं सहयोग के रूप में मिला तीन बोरा चावल के अलावा घर के अंदर कुछ धान था. इस दौरान मृतक किसान की पत्नी तेतरी देवी ने बंधु तिर्की को बताया कि घर की आर्थिक स्थिति काफी खराब है. परिवार पर बैंक एवं अन्य लोगों का कर्ज है, जिसको लेकर पति मानसिक तनाव में रहता था. पति की मौत से उस पर परिवार की जिम्मेदारी और बढ़ गयी है. कर्ज के साथ-साथ बच्चों के भरण-पोषण की चिंता सता रही है.

गिरवी जमीन छुड़ाने का वादा किया बंधु ने

विधवा तेतरी देवी ने बंधु तिर्की से कहा, “मेरी पांच बेटियां और एक बेटा है. बड़ी बेटी शादी योग्य हो चुकी है, किंतु घर में फूटी कौड़ी नहीं है.” सारी बात सुनने के बाद बंधु तिर्की ने सहानुभूति जताते हुए 3000 रुपये की आर्थिक सहायता दी एवं एक मार्च को पुन: आकर गिरवी पड़ी जमीन को वापस दिलाने का वादा किया. साथ ही उन्होंने मृतक की बच्चियों को आवासीय विद्यालय में नामांकन करने की बात कही. वर्तमान सरकार को कोसते हुए तिर्की ने कहा कि कहीं लोग भूख से मर रहे हैं, तो कहीं अनाज पैदा करनेवाले किसान आत्महत्या कर रहे हैं, यह काफी निंदनीय है. सरकार इस तरह की घटना को रोकने में असफल हो रही है, सरकार को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए.

70 हजार रुपये के कर्ज ने किसान शिवनाथ उरांव की ले ली जान

किसान शिवनाथ उरांव की आत्महत्या को लेकर जानकारी देते हुए उनके परिजनों ने बंधु तिर्की को बताया कि घटना बुधवार देर शाम की है. किसान ने जब फांसी लगायी, उस वक्त घर पर कोई नहीं था. मृतक की पत्नी तेतरी देवी ने कहा, “मेरे पति ने बैंक ऑफ इंडिया (सिसई शाखा) से 50 हजार रुपये केसीसी लोन लिया था. वहीं, पीएम आवास योजना की पूरी राशि नहीं मिलने के कारण घर भी अधूरा था. केसीसी लोन चुकाने व घर बनाने के लिए उन्होंनें यूपी के ईंट भट्ठा में कुछ दिन काम किया. उन्होंने ईंट भट्ठा मालिक से 20 हजार रुपये कर्ज भी लिया था. तंगी के कारण खेत भी उन्होंने बंधक रख दिया था.”

इसे भी पढ़ें- वन पट्टा मामला : झारखंड के आदिवासियों ने फूंका बिगुल, कहा- कॉरपोरेट के हाथ में जंगल जायेगा, तो राज्य…

इसे भी पढ़ें- दल-बदल मामले पर टूटा बाबूलाल का संयम, कहा- वे झारखंड के लोगों को @### समझते हैं क्या

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: