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सोशल मीडिया से दूर हैं राज्य के ब्यूरोक्रेट्स, कैसे पूरा होगा डिजिटल इंडिया का सपना

मुख्य सचिव से लेकर सचिव तक सोशल मीडिया में नहीं हैं एक्टिव

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Ranchi :  देश में डिजिटल इंडिया की बात की जा रही है. प्रधानमंत्री से लेकर केंद्रीय मंत्री और मंत्रालय के सचिव व अफसर सोशल मीडिया में एक्टिव हैं. लेकिन झारखंड के ब्यूरोक्रेट्स सोशल मीडिया पर एक्टिव नहीं हैं. मुख्य सचिव से लेकर सचिव रैंक तक के अफसर इससे कन्नी काटे हुए हैं. वहीं मोदी सरकार के नक्शे कदम पर मुख्यमंत्री और उनके कुछ एक मंत्री सोशल मीडिया पर है.

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मुख्य सचिव का ऑफिशियल ट्विटर हैंडल भी नहीं

झारखंड के मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी का सोशल मीडिया के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कोई ऑफिशियल ट्विटर हैंडल नहीं है और ना ही फेसबुक पेज है. सरकार ने अभी तक किसी सचिव का भी कोई ट्विटर हैंडल या फेसबुक पेज बनाने पर जोर नहीं दिया है.

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सांसद महेश पोद्दार ने खड़े किये सवाल

झारखंड सरकार के अफसरों के इस डिजिटलहीनता पर बीजेपी से राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट  करते हुए कहा है कि राष्ट्रपति से लेकर केंद्र सरकार के सभी विभागों के सचिव सोशल मीडिया पर जनता से सीधे संवाद को उपलब्ध हैं. अधिकांश प्रदेशों में भी सभी विभागीय सचिव सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं. झारखंड में भी मुख्य सचिव से सचिव स्तर के अफसर सोशल मीडिया पर उल्पलब्ध हों. महेश पोद्दार ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार अफसरों से जनता से जुड़ने और इसके लिए सोशल मीडिया से जुड़ने की अपील करते हैं.

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जनता से जुड़ने का सबसे कारगर माध्यम

जनता से सीधे जुड़ने के लिए सोशल मीडिया एक बहुत कारगर माध्यम है. सड़क, बिजली, पानी समेत सभी विभागों का ऑफिशियल सोशल मीडिया एकाउंट नहीं है. इन विभागों और सचिवों का सोशल मीडिया डिटेल्स का प्रचार प्रसार भी होना चाहिये ताकि लोग अपनी बात सीधे रख सकें. झारखंड के गिरिडीह जिले के डीसी का एकाउंट तो है लेकिन उनकी मर्जी के बिना ट्विटर पर फॉलो भी नहीं कर सकता. इस ऑफिसिल ट्विटर हैंडल का रहना, नहीं रहने के बराबार है. फोलो के लिए रिक्वेस्ट डालेंगे तो पेंडिंग में चला जायेगा.

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