न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

सोशल मीडिया से दूर हैं राज्य के ब्यूरोक्रेट्स, कैसे पूरा होगा डिजिटल इंडिया का सपना

मुख्य सचिव से लेकर सचिव तक सोशल मीडिया में नहीं हैं एक्टिव

419

Ranchi :  देश में डिजिटल इंडिया की बात की जा रही है. प्रधानमंत्री से लेकर केंद्रीय मंत्री और मंत्रालय के सचिव व अफसर सोशल मीडिया में एक्टिव हैं. लेकिन झारखंड के ब्यूरोक्रेट्स सोशल मीडिया पर एक्टिव नहीं हैं. मुख्य सचिव से लेकर सचिव रैंक तक के अफसर इससे कन्नी काटे हुए हैं. वहीं मोदी सरकार के नक्शे कदम पर मुख्यमंत्री और उनके कुछ एक मंत्री सोशल मीडिया पर है.

इसे भी पढ़ेंः गिरिडीह : हवलदार की निर्मम हत्या, नगर थाना के पास ही मिला शव

Aqua Spa Salon 5/02/2020

मुख्य सचिव का ऑफिशियल ट्विटर हैंडल भी नहीं

झारखंड के मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी का सोशल मीडिया के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कोई ऑफिशियल ट्विटर हैंडल नहीं है और ना ही फेसबुक पेज है. सरकार ने अभी तक किसी सचिव का भी कोई ट्विटर हैंडल या फेसबुक पेज बनाने पर जोर नहीं दिया है.

इसे भी पढ़ेंःराज्य में बाघों की संख्या बन गयी है पहेली, वन विभाग को पता ही नहीं…

सांसद महेश पोद्दार ने खड़े किये सवाल

Related Posts

झारखंड सरकार के अफसरों के इस डिजिटलहीनता पर बीजेपी से राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट  करते हुए कहा है कि राष्ट्रपति से लेकर केंद्र सरकार के सभी विभागों के सचिव सोशल मीडिया पर जनता से सीधे संवाद को उपलब्ध हैं. अधिकांश प्रदेशों में भी सभी विभागीय सचिव सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं. झारखंड में भी मुख्य सचिव से सचिव स्तर के अफसर सोशल मीडिया पर उल्पलब्ध हों. महेश पोद्दार ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार अफसरों से जनता से जुड़ने और इसके लिए सोशल मीडिया से जुड़ने की अपील करते हैं.

इसे भी पढ़ेंः वन विभाग को नहीं मिला एके 47 और रायफल, धरा का धरा रह गया प्रस्ताव

Sport House

जनता से जुड़ने का सबसे कारगर माध्यम

जनता से सीधे जुड़ने के लिए सोशल मीडिया एक बहुत कारगर माध्यम है. सड़क, बिजली, पानी समेत सभी विभागों का ऑफिशियल सोशल मीडिया एकाउंट नहीं है. इन विभागों और सचिवों का सोशल मीडिया डिटेल्स का प्रचार प्रसार भी होना चाहिये ताकि लोग अपनी बात सीधे रख सकें. झारखंड के गिरिडीह जिले के डीसी का एकाउंट तो है लेकिन उनकी मर्जी के बिना ट्विटर पर फॉलो भी नहीं कर सकता. इस ऑफिसिल ट्विटर हैंडल का रहना, नहीं रहने के बराबार है. फोलो के लिए रिक्वेस्ट डालेंगे तो पेंडिंग में चला जायेगा.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

 

 

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like