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राज्य सेवा के अफसरों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, 16 से करेंगे विधि-व्यवस्था के कार्यों का बहिष्कार

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  • 20 जनवरी तक काला बिल्ला लगाकर जतायेंगे विरोध, 20 को रांची में जुटेंगे सभी अफसर, होगी आमसभा

Ranchi : राज्य प्रशासनिक महकमे में बहुत कुछ अच्छा नहीं चल रहा है. अब राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. शुक्रवार को झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ की बैठक हुई. इसमें 16 जनवरी से विधि-व्यवस्था के कार्यों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया. 17 जनवरी से बजट सत्र भी शुरू हो रहा है. इसमें भी प्रशासनिक सेवा के अफसर विधि-व्यवस्था के कार्यों का बहिष्कार करेंगे. संघ के कार्यकारी अध्यक्ष रामकुमार सिन्हा ने बताया कि 16 से 20 जनवरी तक झारखंड राज्य प्रशासनिक सेवा के सभी पदाधिकारी काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे.

रांची में 20 को जुटेंगे सभी अफसर

झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ के कार्यकारी अध्यक्ष राम कुमार सिन्हा ने बताया कि 20 जनवरी को राज्य सेवा के अफसर रांची में जुटेंगे. इस दिन आमसभा होगी. इसमें सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया जायेगा. साथ ही, सभा में हड़ताल पर जाने का भी निर्णय लिया जा सकता है. शुक्रवार को हुई बैठक में सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया गया.

क्या है प्रमुख मामला

अधिकारियों का कहना है कि सीधी बात कार्यक्रम में सीएम रघुवर दास ने बिना तथ्यों की जांच किये यह कहा था कि सभी बीडीओ-सीओ भ्रष्ट हैं, इनके कारण सरकार की बदनामी हो रही है. सीएम के इस बयान को राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों ने गंभीरता से लिया है. अफसरों का कहना है कि ऐसे बयान से राज्य सेवा के पदाधिकारियों का मनोबल गिरा है. क्षेत्रीय पदाधिकारियों में काफी आक्रोश है. सभी जगह बीडीओ-सीओ असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. जनप्रतिनिधियों द्वारा उनके साथ दुर्व्यव्यवहार किया जा रहा है. अंचल गार्ड की भी प्रतिनियुक्ति नहीं की गयी है.

आंदोलन को कमजोर नहीं होने देंगे

बैठक में यह भी सहमति बनी कि सरकार यदि आंदोलन को कमजोर करने के लिए किसी एक-दो मांगों को मानकर आंदोलन से पीछे हटाने का ढोंग करती है, तो आंदोलन से वापस नहीं जायेंगे. जब तक मांगें नहीं मानी जायेंगी, तब तक राज्य प्रशासनिक पदाधिकारी आंदोलन करते रहेंगे. संघ के कार्यकारी अध्यक्ष राम कुमार सिन्हा ने बताया कि मुख्य सचिव द्वारा संघ को आठ माह पूर्व आश्वासन दिया गया था कि एक-दो माह के अंदर मांगों पर निर्णय ले लिया जायेगा. आठ माह बाद भी कोई ठोस पहल नहीं की गयी.

ये हैं झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ की मांगें

  • वेतन विसंगति दूर करना.
  • अनुमंडल पदाधिकारी और एडीएम के समकक्ष रिक्त पदों पर प्रोन्नति.
  • जेपीएससी द्वारा चयनित अफसरों की सेवा संपुष्टि व प्रोन्नति.
  • विशेष सचिव में प्रोन्नति के लिए एक बार कालावधि करना.
  • मनरेगा के तहत बीडीओ को एफटीओ कार्य से मुक्त करना.
  • बिहार की तर्ज पर राज्य प्रशासनिक सेवा को प्रीमियर सेवा घोषित करना.
  • झारखंड राजस्व व ग्रामीण सेवा का गठन.
  • लंबे समय से निलंबित पदाधिकारियों को निलंबन मुक्त करना.
  • हर अंचल में अंचल गार्ड की प्रतिनियुक्ति.
  • रेवेन्यू अथॉरिटी प्रोटेक्शन एक्ट को पारित करना.
  • राज्य सेवा के अफसरों को आयुष्मान योजना से जोड़ना.
  • केंद्र व बिहार सरकार की तर्ज पर चाइल्ड केयर लीव का प्रावधान करना.
  • केंद्र की तरह एलटीसी की सुविधा.
  • विभिन्न कोटि के विभिन्न पदों के अनुरूप पदस्थापन.
  • 2017 के आईएएस संवर्ग की रिक्ति को भरना.
  • हर साल के लिए प्रोन्नति हेतु पैनल तैयार करना.
  • कोर कैपिटल एरिया में संघ के कार्यालय भवन के लिए तीन एकड़ जमीन उपलब्ध कराना.

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