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दारू बेचना छोड़ शुरू किया अगरबत्‍ती बनाने का काम, महिलाओं को मिला महेश भट्ट का साथ

दुमका उपायुक्‍त मुकेश कुमार से इस संदर्भ में टेलीफोन पर बात की है.

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Ranchi/Dumka : दुमका की हड़िया-दारु छोड़कर अगरबत्‍ती का धंधा करने वाली महिलाओं ने बॉलीवुड के फिल्‍म निर्माता-निर्देशक महेश भट्ट का ध्‍यान अपनी ओर खींचा है. उन्‍होंने दुमका के उपायुक्‍त मुकेश कुमार से इस संदर्भ में टेलीफोन पर बात की है और कहा है कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में हो रहे प्रयास में वह सहयोग करना चाहते हैं.

महेश भट्ट ने कहा है कि कल तक जिन महिलाओं के द्वारा शराब बनाया जा रहा था, उस स्थान पर महिलाओं द्वारा बासुकी अगरबत्ती बनाया जा रहा है. हमसब का कर्तव्य है कि उनके इस प्रयास को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाएं.

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वीडियो के माध्यम से महेश भट्ट ने किया मदद का आग्रह

इस संबंध में दुमका जिला प्रशासन की ओर से महेश भट्ट का एक वीडियो भी जारी किया है. इस वीडियो में उन्‍होंने आग्रह किया है कि महिलाओं को सशक्‍त करने के लिए हमें उनकी बनायी बासुकी अगरबत्‍ती खरीदनी चाहिये और दूसरों को भी खरीदने के लिए प्रोत्‍साहित करना चाहिये. दुमका जिले के जरमुंडी प्रखंड के बेदिया गांव की 36 महिलाओं ने हड़िया दारू बेचना छोड़ अगरबत्‍ती बनाने का कारोबार शुरू किया था. बेदिया गांव दुमका का एक छोटा सा गांव है. यहां 75 परिवार रहते हैं, जिसमें से 99 प्रतिशत आदिवासी हैं. आज ये महिलायें अगरबत्‍ती बेचकर सम्‍मानित महसूस कर रही हैं.

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अभी इस गांव में मास्टर ट्रेनर अंजुला देवी के द्वारा अगरबत्ती का निर्माण कराया जा रहा है. बासुकी ब्रांड अगरबत्ती के निर्माण से जुड़कर गरीब महिलाएं स्वावलंबन के रास्ते पर चल पड़ी हैं.

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