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स्टेन स्वामी ने पुणे पुलिस की छापामारी को लेकर खुद को निर्दोष बताया

पुणे पुलिस और रांची पुलिस की टीम द्वारा नामकुम स्थित अपने आवास पर गयी छापामारी को लेकर फादर स्टेन स्वामी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की.

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Ranchi : पुणे पुलिस और रांची पुलिस की टीम द्वारा नामकुम स्थित अपने आवास पर की गयी छापामारी को लेकर फादर स्टेन स्वामी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की. इसमें उन्होंने खुद को निर्दोष बताया. स्टेन स्वामी ने बताया कि कल सुबह 6:00 बजे मेरे नामकुम स्थित आवास पर महाराष्ट्र क्राइम ब्रांच की पुलिस मिस्टर निगम के नेतृत्व में नामकुम थाना के सहयोग से पहुंची. फादर स्टेन स्वामी ने कहा कि पुलिस मेरा लैपटॉप,मोबाइल, सीडी कैसेट, ऑडियो टेप और कुछ दस्तावेज जब्त कर ले गयी. छापामारी पुणे के पुलिस स्टेशन में दर्ज  मामले को लेकर की गयी थी. छापामारी क्यों की गयी यह नहीं बताया गया.

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पुलिस के दस्तावेज मराठी भाषा में लिखे हुए थे

पुलिस के दस्तावेज मराठी भाषा में लिखे हुए थे. इसलिए हमने कहा कि मुझे हिंदी में दिया जाये.  लेकिन पुलिस ने अभी तक नहीं दिया है. स्टेन स्वामी ने कहा कि मैं अभी तक नहीं जान पाया  हूं कि छापा किस आधार पर मारा गया. अगर यह एफआईआर में दर्ज है तो उसका प्रारूप मुझे क्यों नहीं दिखाया गया. कल दोपहर मुझे पता चला कि महाराष्ट्र पुलिस ने पूरे देश में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के घर पर छापा मारा है.  अगर महाराष्ट्र पुलिस पुणे में जो घटना घटित हुई थी, उस संदर्भ में मुझ से जानकारी चाह रही है, तो उस समय मैं पुणे में उपस्थित नहीं था.

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 मैं झारखंड में आदिवासियों के बीच वास करता हूं

फादर स्टेन स्वामी कहा कि मैं झारखंड के आदिवासियों के बीच वास करता हूं और सामाजिक कार्यकर्ता होने के नाते लोकतांत्रिक अधिकारों के उल्लंघन का विरोध करता हूं. कहा कि सरकार गरीब, पिछड़े तबके के बीच काम करने वाले लोगों को दबा रही है, हम इसका विरोध करते हैं स्टेन स्वामी ने कहा कि मुझे विश्वास है कि राज्य  और पुलिस मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को झूठे केस में फंसा रही है.

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 यह घोषित आपातकाल और लोकतंत्र पर हमला है

स्टेन स्वामी ने आरोप लगाया कि पुलिस एक साथ विभिन्न शहरों में अभियान चलाकर गरीब और शोषित लेागों के लिए काम करने वाले सभी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को लक्षित कर रही है. कहा कि मानवाधिकार भारतीय संविधान में निहित है. अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार वह यह समझते हैं कि पूरे देश में एक साथ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई घोषित आपातकाल जैसा और लोकतंत्र पर हमला है.

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 मानवाधिकार आयोग  हस्तक्षेप करे

स्टेन स्वामी ने मानवाधिकार आयोग से मांग की कि वे इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप करे और त्वरित, पारदर्शी, प्रभावशाली और भेदभाव से एक साथ मारे गए छापे की जांच करें. कहा कि गलत आरोपों में जिन मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है उसको रिहा करवाया जाये.

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