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‘14 नवंबर तक पारा शिक्षकों के स्थायीकरण, वेतनमान पर लें निर्णय नहीं तो 15 नवंबर को होगा जुटान’

एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा का सरकार को अल्टीमेटम

  • घोषणा हुई तो स्वागत, यदि नहीं तो विरोध करेंगे पारा शिक्षक
  • अब आश्वासन नहीं परिणाम चाहिये

Ranchi : पारा शिक्षकों के स्थायीकरण और वेतनमान को लेकर हो रही बातचीत और नियमावली बनाने में हो रही देरी के बाद अब एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा का सरकार को अल्टीमेटम दिया है. संघ ने कहा है कि 14 नवंबर तक सरकार निर्णय लें अन्यथा 15 नवंबर को रांची में महाजुटान करेंगे. इसकी रुपरेखा तैयार की गयी है.

बताते चलें कि एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा का शिष्टमंडल शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो से मिला और पारा शिक्षकों के स्थायीकरण, वेतनमान को लेकर दो टूक सांगठनिक निर्णय से अवगत कराया. शिष्टमंडल ने शिक्षामंत्री से स्पष्ट कहा कि पारा शिक्षकों को आश्वासन की घुट्टी नहीं बल्कि परिणाम चाहिए. सरकार बने दो वर्ष हो गए, दर्जनों कैबिनेट हुए, हजारों निर्णय हुए यदि नहीं हुआ तो पारा शिक्षकों की समस्याओं का निदान नहीं हुआ है.

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चुनाव पूर्व सरकार बनने के तीन माह में पारा शिक्षकों का स्थायीकरण, वेतनमान का वायदा करने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अब पारा शिक्षकों के लिए एक शब्द भी नहीं बोलते. इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि वे अपने स्वास्थ्य जांच हेतु दो दिनों के लिए कल चेन्नई जा रहे हैं. लौटने के बाद संघीय शिष्टमंडल एवं विभागीय अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक करेंगे एवं नियमावली को अंतिम रूप देंगे.

इधर सरकार के इस रवैये से राज्य के तमाम 65 हजार पारा शिक्षकों में निराशा के साथ आक्रोश व्याप्त है. राज्य के पारा शिक्षक अब इंतजार नहीं करेंगे. 31 अक्टूबर को राज्य के सभी प्रखंडों में बैठक कर 15 नवंबर को रांची कूच की तैयारी करेंगे. सभी प्रखंड कमेटी बैठक के पश्चात अपने अपने विधायक को भी 15 नवंबर को रांची में पारा शिक्षकों के साथ कुच करने हेतु आमंत्रित करें.

इस बात की जानकारी संघ के बिनोद बिहारी महतो, संजय कुमार दुबे, हृषिकेश पाठक, प्रमोद कुमार, दशरथ ठाकुर, मोहन मंडल, प्रद्युम्न कुमार सिंह (सिंटू) ने दी.

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