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ईशनिंदा के लिए पाकिस्तान में श्रीलंकाई नागरिक के हाथ-पैर तोड़कर जिंदा जला दिया

1990 के बाद से पाकिस्तान में भीड़ ने ईशनिंदा में 70 से अधिक लोगों की हत्या की है

New Delhi : ईशनिंदा के आरोप में पाकिस्ताडन में एक फैक्ट्रीू के मैनेजर को सड़क पर जिंदा जला दिया गया. बाल्टिस्तान टाइम्स के मुताबिक, यह घटना सियालकोट की एक फैक्ट्रीड में काम करने वाले श्रीलंकाई मैनेजर प्रि यांथा कुमारा के साथ घटी है. घटना के बाद पूरे इलाके को सील कर दिया गया है.

साल 1990 के बाद से अब तक पाकिस्तान में भीड़ ने ईशनिंदा का आरोप लगाकर 70 से अधिक लोगों की हत्या कर दी है. ईशनिंदा क्या है, किन देशों में ईशनिंदा कानून लागू है और इससे दूसरे धर्म के लोगों को क्याय आपत्ििका है, जानिए इन सवालों के जवाब…

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क्या है ईशनिंदा

ईशनिंदा यानी ईश्व र की निंदा. अगर कोई इंसान जानबूझकर पूजा करने की जगह को नुकसान पहुंचाता है, धार्मिक कार्य में बाधा पहुंचाता है, धार्मिक भावनाओं का अपमान करता है या इन्हेंत ठेस पहुंचाता है तो यह ईशनिंदा के दायरे में आता है. दुनिया के कई देशों में ईशनिंदा पर कानून भी बने हुए हैं. इन देशों में ईशनिंदा करने पर एक तय सजा का प्रावधान भी है.

क्या कहता है ईशनिंकदा कानून?

ईशनिंदा कानून कहता है, इस्लाैम या पैगंबर मुहम्माद के खिलाफ कुछ भी बोलने या करने पर मौत की सजा का प्रावधान है. अगर मौत की सजा नहीं दी जाती है तो आरोपी को जुर्माने के साथ आजीवन कारावास झेलना पड़ सकता है. इस कानून की नींव ब्रिोटिश शासनकाल में पड़ी थी.

रिसर्च फर्म प्यूस की रिपोर्ट कहती है, दुनिया के 26 फीसदी देशों में ऐसे ही कानून हैं, जिसमें धर्म का अपमान करने पर सजा का प्रावधान है. इनमें से 70 फीसदी मुस्िदी म देश हैं.
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कई मुस्िइनमम बाहुल्यस देशों में जुर्माने के साथ सजा का प्रावधान है, लेकिन सऊदी अरब, ईरान और पाकिस्तान में मौत तक की सजा दी जा सकती है.

ईशनिंधदा कानून से दूसरे धर्म के लोगों को क्या आपत्तिम‍ है?

इस कानून से जुड़े विवाद को पाकिस्ताअन के एक उदाहरण से समझते हैं. पाकिस्तांन की कुल आबादी में करीब 4 फीसदी ईसाई हैं. ईसाइयों के एक समूह का कहना है ईशनिंजदा कानून का हवाला देकर लोग उनसे निजी दुश्मसनी का बदला लेते हैं. इस कानून की आड़ में उन्हें नुकसान पहुंचाया जा रहा है. उन पर ईशनिंदा का झूठा आरोप भी लगाया गया है.

कानून का होता है दुरूपयोग

इसका सबसे चर्चित मामला पिछले साल दिसम्बशर में सामने आया था, जब ईशनिंदा के आरोप में एक ईसाई महिला आसिया बीबी को मारने के लिए 4.50 लाख रुपये के ईनाम की घोषणा की गई थी.
इससे पहले भी कई बार विवाद की स्थिति बनने पर ईशनिंदा कानून को खारिज करने की मांग की गई, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. जब भी स्थिति बनी तो सरकार की आलोचना की गई, लिहाजा सरकार इस कानून को खारिज नहीं कर पाई. हालांकि सरकारों ने अपनी सफाई में कहा कि कानून को खारिज करने पर उग्रवाद और आतंकवाद को बढ़ावा मिल सकता है.
ईशनिंदा कानून पाकिस्ताकन, ईरान, सऊदी अरब, मलेशिया मिस्र और इंडोनेशिया में सख्तीन से लागू है.

Nayika

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