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खेल, एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज कोटे की सीटें बढ़ा सकते हैं दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेज

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New Delhi : दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के अधीन आने वाले कॉलेज खेल और एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज (ईसीए) के तहत स्वीकृत सीटों की संख्या विभागीय स्तर पर बढ़ा सकते हैं. हालांकि , उन्हें खेल और ईसीए के लिए निर्धारित पांच प्रतिशत की सीमा के दायरे में रहना होगा.

इस बार खेल श्रेणी को किया गया शामिल 

हर कॉलेज में कुल सीटों की अधिकतम पांच प्रतिशत सीटें खेल और ईसीए श्रेणी के लिए आरक्षित होती है. अगर किसी विभाग को लगता है कि इन श्रेणियों के तहत भरी जाने वाली सीटें खाली हैं तो वह दूसरे विभाग को रिक्त सीटें स्थानांतरित कर सकता है.

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हालांकि, उन्हें पांच प्रतिशत की सीमा का ध्यान रखना होता है. पिछले साल तक यह व्यवस्था सिर्फ एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज श्रेणी के लिए ही थी लेकिन इस बार इसमें खेल श्रेणी को शामिल किया गया है.

पांच प्रतिशत सीटें खेल और ईसीए की श्रेणी में शामिल

एक अधिकारी ने कहा कि आमतौर पर देखा जाता है कि खेल और ईसीए श्रेणियों में छात्र विज्ञान के बजाय मानविकी और सामाजिक विज्ञान कार्यक्रमों का चयन करते हैं ताकि आगे चलकर उन्हें दबाव नहीं झेलना पड़े.

उन्होंने कहा कि इस स्थिति में अगर विज्ञान विभाग में खेल और ईसीए श्रेणियों के तहत कोई प्रवेश नहीं होता है, तो खाली सीटों को दूसरे विभाग में स्थानांतरित किया जा सकता है, जहां मांग अधिक हो. बैठक कर इस व्यवस्था में खेल श्रेणी को शामिल करने का फैसला किया गया.

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एक प्राध्यापक ने स्पष्ट किया कि यदि एक कॉलेज में कुल 1,300 सीटें है, तो उनसे से पांच प्रतिशत यानी 65 सीटें खेल और ईसीए श्रेणी में आती हैं. खेल और ईसीए का अनुपात 40:25 है.

यदि यह देखा जाता है कि एक विभाग में एक खाली सीट है , जबकि एक अन्य विभाग के पास पहले से ही श्रेणी के तहत एक प्रवेश है तो उस खाली सीट को दूसरे विभाग में स्थानांतरित किया जा सकता है.

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