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SPM यूनिवर्सिटी : कुलपति से रो-रोकर बोली छात्रा- पैसे नहीं हैं, इसलिए पैदल ही आती हूं पढ़ने, फीस बढ़ाकर गरीब को शिक्षा से वंचित मत कीजिये सर

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Ranchi : श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में मंगलवार को अजीबोगरीब नजारा देखने को मिला. सेमेस्टर फी बढ़ाये जाने से विद्यार्थी काफी नाराज थे. उन्होंने कुलपति कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया. इस दौरान विद्यार्थी कुलपति कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ गये. कुलपति डॉ एसएन मुंडा से विद्यार्थियों ने गुहार लगायी कि फीस में कमी की जाये. ज्ञात हो कि विश्वविद्यालय द्वारा सेमेस्टर फी 1000 रुपये से बढ़ाकर 1200 रुपये कर दी गयी है.

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मां रेजा का काम करके मुश्किल से मुझे पढ़ा रही है, कहां से दूं बढ़ी हुई फीस

कुलपति के कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय की एक छात्रा काफी भावुक हो गयी. उसने रो-रोकर अपनी व्यथा सुनायी. उसने कहा कि उसकी मां काफी गरीब है. रेजा का काम करके उसकी मां उसे पढ़ा रही है. उसके पास पैसे नहीं हैं, इसलिए ऑटो-रिक्शा भाड़े के 20 रुपये बचाने की खातिर वह पैदल ही पढ़ाई करने के लिए विश्वविद्यालय आती है. ऐसे में वह फीस में 200 रुपये की वृद्धि कैसे सहन कर सकती है. उसने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा फीस वृद्धि करना गरीब विद्यार्थियों को पढ़ाई से वंचित करने के समान है. छात्रा ने भावुक होकर कुलपति से गुहार लगायी कि किसी तरह से फीस वृद्धि पर रोक लगायी जाये, ताकि गरीब विद्यार्थियों को पढ़ाई का अवसर सरकारी विश्वविद्यालय के माध्यम से मिल सके.

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कुलपति ने मांग को किया पूरा

विद्यार्थियों के प्रदर्शन और उनके आक्रोश को देखते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति ने विश्वविद्यालय अधिकारियों के साथ बैठक कर फीस वृद्धि के पहले लिये गये फैसले को वापस लेते हुए फीस में 50 रुपये वृद्धि की. कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में पुराना फी स्ट्रक्चर चल रहा है. इसके कारण विश्वविद्यालय को परेशानी हो रही है. अतः विद्यार्थियों की मांग देखते हुए फीस में मात्र 50 रुपये की वृद्धि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से की जा रही है, जो छात्रों के हित में होगी.

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