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धोनी को मिस करते हुए स्पिनर कुलदीप यादव ने कही ये बात

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New Delhi: महेंद्र सिंह धोनी से क्रिकेट मैदान पर काफी बारीकियां सीखने वाले भारतीय लेग स्पिनर कुलदीप यादव को उनकी कमी खलती है. उनका मानना है कि विकेट के पीछे पूर्व कप्तान के रहने से उनके जैसे गेंदबाजों को काफी मदद मिलती थी.

बता दें कि धोनी ने पिछले साल विश्व कप के बाद से क्रिकेट नहीं खेला है. आइपीएल के जरिये उनकी वापसी के कयास लगाये जा रहे थे लेकिन कोरोना वायरस महामारी के कारण आइपीएल स्थगित हो गया है.

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फील्ड में धोनी की कमी खलती है

कुलदीप ने कहा कि मैदान पर धोनी की कमी उन्हें खलती है जो विकेट के पीछे से काफी मददगार साबित होते थे.
उन्होंने स्पोटर्स चैनल ईएसपीएन क्रिक इन्फो के कार्यक्रम क्रिकेटबाजी में कहा,‘ मैंने जब करियर की शुरूआत की तो मैं पिच को भांप नहीं पाता था. धोनी के साथ खेलने के बाद मैंने वह सीखा. वह बताते थे कि गेंद को कहां स्पिन कराना है. वह फील्ड जमाने में भी माहिर थे. उन्हें पता होता था कि बल्लेबाज कहां शॉट खेलेगा और उसी के हिसाब से फील्ड लगाते थे.’’

उन्होंने कहा,‘ इससे मुझे अधिक आत्मविश्वास के साथ गेंदबाजी में मदद मिली. जब से वह वनडे क्रिकेट नहीं खेल रहे हैं, यह भी चला गया.’

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कौन है बेहतरीन बैट्समैन

कुलदीप का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ और दक्षिण अफ्रीका के एबी डिविलियर्स ऐसे दो बल्लेबाज हैं जिनके बल्ले पर अंकुश लगाना सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण है. पिछले साल लंबे समय खराब दौर का सामना करने वाले यादव ने कहा कि दोनों बल्लेबाजों में अनूठी क्षमतायें हैं.
उन्होंने कहा,‘ स्मिथ ज्यादातर बैकफुट पर खेलते हैं और काफी देर से भी खेलते हैं लिहाजा उन्हें गेंद डालना चुनौतीपूर्ण होता है.’ कुलदीप ने एबी डिविलियर्स को वनडे का बेहतरीन खिलाड़ी बताते हुए कहा कि उनका अलग ही अंदाज है. अब वह खेल को अलविदा कह चुके हैं जो अच्छी बात है. इनके अलावा मुझे और किसी बल्लेबाज से उतना डर नहीं लगा.’

पिछले साल के खराब फार्म के बारे में उन्होंने कहा कि उनकी तरकश में कुछ तीर कम थे और टीम में लगातार नहीं होने से भी उनके प्रदर्शन पर असर पड़ा. उन्होंने कहा,‘ मैंने विश्व कप 2019 के लिये जाने से पहले काफी तैयारी थी, लेकिन मैं आइपीएल की विफलता से उबरना चाहता था. मैंने ज्यादा विकेट नहीं लिये लेकिन विश्व कप में अच्छी गेंदबाजी की.’

कुलदीप ने कहा ,‘‘ उसके बाद से मैं टीम में भीतर बाहर होता रहा . लगातार नहीं खेलने पर आप दबाव में आ जाते हैं और आत्मविश्वास भी हिल जाता है . मेरे कौशल में भी कुछ कमी रह गई थी .’’

युजवेंद्र से है खास रिश्ता

स्पिनर युजवेंद्र चहल को अपना स्पेशल दोस्त बताते हुए कुलदीप ने कहा कि उनका खास रिश्ता है. और चहल की राय को वो मैदान से भीतर और बाहर काफी तवज्जो देते हैं. उन्होंने कहा,‘ चहल ने हमेशा मेरा ध्यान रखा है. एक बड़े भाई की तरह. इतने सारे मैच खेलने के बाद भी मैदान के बाहर भी वह मुझे क्रिकेट और क्रिकेट से इतर सलाह देता है. और यह तालमेल मैदान पर भी नजर आता है. हमारे बीच कभी कॉम्पीटिशन नहीं रहा. पिछले साल भी हम में से एक को ही मौका मिलता रहा है. हमने तालमेल में हमेशा अच्छी गेंदबाजी की और विकेट के पीछे महेंद्र सिंह धोनी के होने से काफी मदद मिलती थी.’

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