Sci & Tech

Sci&Tech: विशेष रोबोट ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों को सीखने में मदद कर सकेंगे : अध्ययन

Las Angels :  शोधकर्ताओं ने ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों के सीखने में मदद करने के लिए व्यक्तिगत शिक्षण रोबोट विकसित किये हैं.

अमेरिका में दक्षिणी कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एक महीने तक तीन से सात साल की उम्र के आटिज्म से पीड़ित 17 बच्चों के घरों में कीवी नामक रोबोट रखा.

पत्रिका साइंस रोबोटिक्स में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार निगरानी के दौरान रोबोट प्रत्येक बच्चे के सीखने के तरीके के हिसाब से निर्देश और प्रतिक्रिया को निर्धारित करता है.

अध्ययन पूरा होने के बाद शोधकर्ताओं ने प्रतिभागियों का आकलन किया और पाया कि रोबोट खुद पता लगा सकता है कि बच्चे 90 प्रतिशत एकाग्रता के साथ प्रक्रिया में मौजूद थे या नहीं.

इसे भी पढ़ेंः #JharkhandVidhansabha : सरकार ने श्वेत पत्र जारी कर कहा- 5 साल में विकास दर 6.8 प्रतिशत घटी, बोले बाउरी– पत्र की आड़ में घोषणाओं को ढक रही सरकार

किसानों को विज्ञान इस तरह मदद करेगा

इधर, दिल्ली में, कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) को अधिक संख्या में किसानों तक पहुंच बनाने और उन्हें तकनीकी सहायता उपलब्ध कराकर वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के सरकार के लक्ष्य को हासिल करने में मदद का कार्यक्रम बनाया गया है.

उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) से उन युवाओं को सशक्त बनाने में मदद करने को कहा जो खेती और उससे संबद्ध गतिविधियों से जुड़े नहीं हैं.

देश भर में लगभग 642 केवीके हैं. ये केन्द्र, जानकारियां और नवीनतम तकनीक प्रदान करने में वैज्ञानिकों और किसानों के बीच एक पुल का काम करते हैं.

यहां एक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, ‘‘किसानों को केवीके का लाभ उठाना चाहिए क्योंकि देश की जीडीपी में कृषि के योगदान को बढ़ाने की जरूरत है.’’ उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर केवीके किसानों को दिशा प्रदान करते हैं, उन्हें नई कृषि तकनीकों और सरकार की नीतियों का लाभ उठाने में किसानों की मदद करते हैं. उन्होंने कहा कि इस संबंध में एक रोड मैप बनाने की आवश्यकता है.

तोमर के अनुसार, अगर हर किसान केवीके और सरकारी कार्यक्रमों का पूरा लाभ उठाता है तो वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के सरकार के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है.

मंत्री ने फसल बीमा और इलेक्ट्रॉनिक नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट (ई-नाम) जैसी विभिन्न केंद्रीय योजनाओं को गिनाया और 10,000 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को स्थापित करने की योजना के बारे में अवगत कराया.

इसे भी पढ़ें: लॉ यूनिवर्सिटी की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले में सभी 11 आरोपियों को उम्रकैद की सजा

Telegram
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button
Close