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सरकार के खिलाफ बोला, तो अमोल पालेकर को रोका गया, भाषण अधूरा छोड़ा

पालेकर ने जब कार्यक्रम में सरकार के इस फैसले पर बोलना शुरू किया, उसी वक्त मंच पर मौजूद मॉडरेटर ने उन्हें टोकना शुरू कर दिया. बार-बार टोके जाने पर पालेकर ने पूछा कि क्या आप चाहती हैं कि मैं अपनी स्पीच बीच में ही खत्म कर दूं?

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Mumbai : हिंदी फिल्मों के दिग्गज अभिनेता अमोल पालेकर को सरकार की आलोचना करने पर अपना भाषण बीच में ही रोकना पड़ा. यह वाकया उस वक्त हुआ, जब वह शनिवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मंच से बोल रहे थे;  उन्होंने जैसे ही केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के एक फैसले की आलोचना करनी शुरू की, कार्यक्रम की मॉडरेटर ने उन्हें बोलने से रोक दिया;  उन्हें अपने पूरे भाषण के दौरान कई बार रोक गया और स्पीच जल्दी खत्म करने के लिए कहा गया.  अभिनेता अमोल पालेकर नैशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट के द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे.  यह कार्यक्रम मशहूर कलाकार प्रभाकर बर्वे की याद में आयोजित किया गया था. अमोल अपनी स्पीच में बोल रहे थे कि कैसे आर्ट गैलरी ने इन दिनों अपनी स्वतंत्रता खोयी है.

अमोल ने आर्ट गैलरी के कामकाज पर भी सवाल उठाये थे. बता दें कि बीते साल अक्टूबर महीने तक नैशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट की एक सक्रिय सलाहकार समिति थी, जिसमें स्थानीय कलाकारों का प्रतिनिधित्व होता था. पालेकर ने कार्यक्रम में कहा कि अब इस समिति को सीधे संस्कृति मंत्रालय नियंत्रित करता है.

अमोल पालेकर सरकार की आलोचना कर रहे थे

पालेकर ने जब कार्यक्रम में सरकार के इस फैसले पर बोलना शुरू किया. अपने भाषण के दौरान पालेकर ने आर्ट गैलरी की स्वतंत्रता पर चिंता जाहिर की. काम-काज के तरीके पर भी सवाल उठाये. अमोल पालेकर ने कहा, एनजीएमए कलात्मक अभिव्यक्ति और विविध कलाओं को देखने का पवित्र स्थान है, जिस पर नियंत्रण किया जा रहा है;  यह मानवता के खिलाफ युद्ध की तरह है, जिससे मैं काफी ज्यादा आहत हूं.  सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात यह है कि एकतरफा लागू होने वाले इन आदेशों का विरोध नहीं किया जाता है.

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उसी वक्त मंच पर मौजूद मॉडरेटर ने उन्हें टोकना शुरू कर दिया. बार-बार टोके जाने पर पालेकर ने पूछा कि क्या आप चाहती हैं कि मैं अपनी स्पीच बीच में ही खत्म कर दूं? अमोल पालेकर कार्यक्रम में पहले से तैयार भाषण लेकर आये थे, जिसमें वह सरकार की आलोचना कर रहे थे. कार्यक्रम के आयोजकों ने बार बार उन्हें टोका और कहा कि वे कार्यक्रम से संबंधित बातों पर ही बातचीत करें. सलाहकार समिति की पूर्व चेयरमैन सुहास बहुल्कर ने पालेकर को प्रभाकर बर्वे और उनके कार्यों के बारे में बोलने के लिए कहा;  वहीं, शो क्यूरेट जेसल थैकर ने विरोध जताया तो पालेकर ने नयनतारा सहगल का जिक्र किया, जिन्हें मराठी लिट्रेचर इवेंट में आमंत्रित किया गया था, लेकिन वर्तमान राजनीतिक माहौल पर स्पीच के चलते भाषण देने नहीं दिया गया था. इसके बाद पालेकर भाषण अधूरा छोड़कर बैठ गये.

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