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रायबरेली में सोनिया ने कहा,  सत्ता के लिए भाजपा ने मर्यादा की सभी सीमाएं लांघी

NewDelhi : कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष  सोनिया गांधी ने अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली में बुधवार को आयोजित  रैली में  कहा  कि सबसे बड़ा दुर्भाग्य है कि सत्ता को बनाये रखने के लिए मर्यादा की सीमाएं लांघी गयी.  यूपीए अध्यक्ष ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि पिछले कुछ सालों में हमारी चुनावी प्रक्रिया को लेकर कई तरह के संदेह उभर आये हैं.

इस क्रम में भाजपा पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि सत्तासीन दल ने सत्ता में बने रहने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पद पर बनाये रखने के लिए मर्यादा की सभी सीमाएं  पार कर लीं.पिछले माह घोषित हुए चुनाव परिणाम के बाद अपनी पहली जनसभा में  यूपीए अध्यक्ष ने चुनाव के दौरान कुछ पार्टियों द्वारा अपनाये गये चुनावी हथकंडों की आलोचना की.

सोनिया गांधी दावा किया कि देश की चुनावी प्रक्रिया पर कई तरह के संदेह पैदा हो गये हैं. यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से कांग्रेस द्वारा जीती गयी एकमात्र सीट पर मतदाताओं का आभार व्यक्त करने पहुंचीं सोनिया गांधी ने कहा, मतदाताओं को लुभाने के लिए हर तरह की तरकीबें अपनायी गयी.

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जो कुछ भी हुआ, वह नैतिक था या अनैतिक?

देश में सभी जानते हैं कि चुनाव में जो कुछ भी हुआ, वह नैतिक था या अनैतिक? लोकसभा चुनाव 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली  भाजपा ने पहले से भी बेहतर जनादेश हासिल किया, और पार्टी ने अपने बूते पहली बार 300 सीटों का आंकड़ा पार कर लिया. भाजपा  ने 303 सीटों पर जीत हासिल की. एनडीए को 352 संसदीय क्षेत्रों में जीत मिली.  कांग्रेस देशभर में कुल 53 सीटों पर जीती.  18 राज्य व केंद्रशासित प्रदेश ऐसे रहे, जहां कांग्रेस  साफ हो गयी.

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भाजपा को आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा

चुनाव प्रचार के दौरान अपनाए गए कुछ तरीकों को लेकर भाजपा को आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा, जिनमें पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले तथा उसके बाद पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकवादी शिविर पर भारतीय वायुसेना द्वारा किय गये हवाई हमले का जिक्र किया जाना शामिल है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश की सेना को मोदी जी की सेना कहा, जिसकी वजह से विपक्षी नेताओं की निंदा उन्हें झेलनी पड़ी.

सोनिया गांधी ने कहा, मैं समझती हूं कि यह सबसे बड़ा दुर्भाग्य है कि सत्ता को बनाये रखने के लिए मर्यादा की सारी सीमाएं लांघी गयी.  यूपीए अध्यक्ष ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े  करते हुए कहा कि पिछले कुछ सालों में हमारी चुनावी प्रक्रिया को लेकर कई तरह के संदेह उभर आये हैं.

बता दें कि रायबरेली के इस दौरे में सोनिया गांधी की पुत्री तथा कांग्रेस महासचिव (पूर्वी उत्तर प्रदेश) प्रियंका गांधी वाड्रा भी उनके साथ थीं, उन्होंने पार्टी की चौतरफा हार के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार माना.

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