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कहीं लालू परिवार की राह पर तो नहीं चल पड़ा शिबू सोरेन परिवार

क्या हैं दुर्गा सोरेन सेना के गठन के मायने?

Gyan Ranjan

Ranchi :  झारखंड के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार में ऊपर से भले ही सबकुछ ठीक दिख रहा हो लेकिन अंदरखाने ऐसा नहीं है. हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद कई ऐसे मौके आये हैं जब गुरुजी यानि शिबू सोरेन के परिवार से ही कई मामलों पर आवाज उठी हैं. चाहे वह बालू उठाव का मामला हो या फिर खनिज का.

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सीता सोरेन ने लोबिन हेम्ब्रेम का दिया था साथ

गुरुजी की बड़ी पुत्रवधू और जामा से विधायक सीता सोरेन ने सरकार गठन के बाद कई बार इस मामले को उठाया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा के खिलाफ जब झामुमो के विधायक लोबिन हेम्ब्रेम ने विधानसभा में मामला उठाया था उस समय भी सीता सोरेन का साथ हेमंत सोरेन को नहीं मिलकर लोबिन हेम्रेम को ही मिला था.

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दुर्गा सोरेन की पुत्रियों ने बनाया नया संगठन

अब जब गुरुजी के बड़े पुत्र स्व. दुर्गा सोरेन की पुत्रियों ने नया संगठन दुर्गा सोरेन सेना का गठन किया है तो राजनीतिक गलियारे में चर्चाओं का बाजार गरम है. बिजनेस मैनेजमेंट और विधि की पढ़ाई कर चुकी राजश्री सोरेन और जयश्री सोरेन ने विजयादशमी के मौके पर इसकी घोषणा अपने मां के धुर्वा स्थित सरकारी आवास पर की. हालांकि इस आयोजन में सीता सोरेन शामिल नहीं हुईं.

पहले कहा जा रहा था कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष शिबू सोरेन आएंगे, लेकिन वे भी नहीं आए. बकौल राजश्री दादाजी ने आशीर्वाद दिया है. वे इस फैसले से बहुत खुश हैं और बीमार होने की वजह से समारोह में नहीं आ सके. सीता सोरेन की बड़ी पुत्री राजश्री सोरेन ने स्थापना समारोह के मौके पर लिखित भाषण पढ़ा. दावा किया कि यह उनका गैर राजनीतिक मंच होगा. हालांकि दोनों इस बात का जवाब नहीं दे पाईं कि झारखंड मुक्ति मोर्चा की छात्र अथवा युवा शाखा के रहते हुए अलग से संगठन बनाने की आवश्यकता क्यों पड़ी ?

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इसलिए बनाया नया संगठन

उन्होंने कहा कि विजयादशमी के दिन पिता के नाम पर सेना की स्थापना का उद्देश्य राज्य में भ्रष्टाचार, विस्थापन, जमीन की लूट समेत अन्य मसलों पर संघर्ष करना है. यह पूछे जाने पर कि झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार कैसा काम कर रही है, उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तारीफ की. कहा-अंकल झारखंड को आगे बढ़ा रहे हैं. वह सरकार को 100 प्रतिशत से भी ज्यादा अंक देंगी. अभी काफी कम समय उन्हें बतौर मुख्यमंत्री काम करने का मौका मिला है और वे बहुत अच्छा काम कर रहे हैं.

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संगठन का करेंगी विस्तार

यह पूछे जाने पर कि अलग से संगठन बनाने की वजह से राजनीतिक हलकों में यह संदेश जा रहा है कि उनकी नाराजगी है.  इसपर दोनों ने कहा कि उनका सपना दुर्गा सोरेन के सपने से जुड़ा है. वे अलग झारखंड आंदोलन के सिपाही थे. संगठन का विस्तार राज्य के हर जिले में होगा और इसकी इकाइयां खड़ी की जाएगी. उनके पिता दुर्गा सोरेन से जुड़े रहे छोटेलाल महतो, राकेश पासवान, लाल बिहारी महतो, जितेंद्र सिंह पावर, राकेश मिश्रा जैसे लोगों का साथ मिल रहा है. सबके सहयोग से संगठन के कामकाज को आगे बढ़ाना उनका लक्ष्य है.

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शुरू में लालू परिवार में भी ऐसा ही दिखा था नजारा

बिहार के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार यानि लालू परिवार में चल रहे घटनाक्रम पर गौर करें तो ऐसे ही वहां भी तेजस्वी और तेजप्रताप के बीच मामले की शुरुआत हुई थी. तेजप्रताप ने भी पहले छात्र संगठन का गठन किया था और कहा था कि यह छात्रों के लिए मंच होगा लेकिन बाद में तेजप्रताप ने इसी मंच से राजनीति शुरू कर दी. जो तेजप्रताप यह कहते नहीं अघाते थे कि वो कृष्ण हैं और तेजस्वी उनका अर्जुन है. तेजस्वी ही बिहार का भावी मुख्यमंत्री है. अब वही तेजप्रताप का यह बयान आता है कि तेजस्वी ने उनके पिता लालू यादव को कैद कर लिया है.

इतना ही नहीं बिहार में हो रहे दो विधानसभा उपचुनाव में तेजप्रताप राजद प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने के बजाय निर्दलीय प्रत्याशी कि समर्थन कर रहे हैं. लगभग यही स्थिति झारखंड के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार सोरेन परिवार में शुरू हो गयी है. भले ही विधायक सीता सोरेन की बेटियाँ ये कह रही हों कि हेमंत सोरेन बहुत अच्छा काम कर रहे हैं लेकिन अन्दर सबकुछ अच्छा नहीं है.

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दुमका और जामा को लेकर चल रही है राजनीति

जानकारी के अनुसार मिशन 2024 के तहत झामुमो दुमका लोकसभा सीट पर सीता सोरेन को लड़ाना चाहता है. वहीं जामा विधानसभा सीट जहां लम्बे समय तक दुर्गा सोरेन विधायक रहे थे और उनके निधन के बाद से लगातार सीता सोरेन विधायक हैं,  ये सीट मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के लिए खाली कराना चाहते हैं.

सीता सोरेन दुमका के रास्ते दिल्ली का सफ़र तो तय करना चाहती हैं लेकिन अपनी परंपरागत सीट जामा का बलिदान देकर नहीं. यही वजह है कि दुर्गा सोरेन सेना के बहाने उन्होंने अपनी दोनों बेटियों की राजनीति में इंट्री करवा दी है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार झामुमो संथाल में इस बार कई फेरबदल करने कर काम रहा है. शिकाड़ीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र जहाँ से लगातार सात बार से नलिन सोरेन विधायक हैं वहां से वे अपने पुत्र के लिए जमीन तैयार कर रहे हैं. इस काम में उन्हें सफलता मिल सकती है इसमें कोई संकोच नहीं है.

पहले ही लिट्टीपाड़ा से झामुमो ने पूर्व मंत्री साइमन मरांडी के पुत्र को टिकट दे दिया है और अभी वह विधायक भी हैं. सीता को दुमका लोकसभा देकर कल्पना के लिए जामा सीट खाली करवाना सीता सोरेन को गंवारा नहीं है और उनकी पुत्रियों का दुर्गा सोरेन सेना का गठन करना इसी रणनीति का एक हिस्सा है.

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