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कुछ अलग : अम्फान साइक्लोन ने दुनिया के सबसे पुराने बरगद को जड़ों से उखाड़ फेंका, भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण का प्रतीक रहा है पेड़

Kolkata :  अम्फान तूफान का शोर अब थम गया है. लेकिन इससे हुई तबाही अब धीरे-धीरे सामने आने लगी है. खबर है कि इस तूफान ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कुछ हिस्सों में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है. इन राज्यों में तूफानी हवाओं के साथ जमकर बारिश हुई है.

दोनों ही राज्यों के कई इलाकों में पेड़ और दीवारें धराशायी हो गई हैं.  6 घंटे तक लगातार तूफान के वीभत्स तांडव के कारण कोलकाता एयरपोर्ट को भी नुकसान पहुंचा है. अम्फान तूफान ने  दुनिया का सबसे पुराने बरगद पेड़ को भी गिरा दिया है.

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गौरतलब है कि  पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्थित भारतीय वनस्पति उद्यान में 270 वर्ष पुराना बरगद का पेड़ था.  इस पेड़ की जड़ें 4.67 एकड़ में फैली हुई थी. पिछले शतक वर्षों में ये पेड़ दो चक्रवात झेल चुका था. जिसमें एक 1864 और दूसरा 1867 में आया था. उस समय भी इसको नुकसान हुआ था लेकिन इस पैमाने पर नहीं. अब खबर है कि अम्फान चक्रवात ने इसको जड़ से उखाड़ दिया है.

इस बरगद के बारे में दिलचस्प बात यह भी है कि इस पेड़ को भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण ने अपना प्रतीक चिह्न घोषित किया है.

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बंगाल से मिली खबरों में बताया जा रहा है कि इस बरगद के पेड़ का मुख्य तना 1925 में ही हटा दिया गया था. और तब से ये पेड़ केवल अपनी जड़ों पर टिका हुआ था. अम्फान के बाद इस पेड़ का घनत्व काफी कम हो गया है. इसके अंदर का पूरा भाग अब खाली-खाली दिखाई दे रहा है.

बता दें कि कुछ ही चंद घंटों के अंदर ही अम्फान तूफान से पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भारी तबाही मच गई है. अकेले बंगाल में 80 लोगों की मौत हो चुकी है.

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