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कुछ लोगों की मौजूदगी सीएम को है नापसंद, शक्ल देखते ही उलटे पांव मंच से लौटे

मुख्यमंत्री रघुवर दास 15 अक्टूबर को जमशेदपुर के विद्यापति नगर (बारीडीह) में दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन करने पहुंचे थे.

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Jamshedpur: क्या ऐसा संभव है कि किसी राज्य का मुख्यमंत्री अपने ही दल के नेता से नजरें चुराये? उसे मंच पर देखते ही उल्टे पांव लौट जाये और वो भी राह चलते या किसी पार्टी या समारोह में नहीं बल्कि पूजा के पवित्र कार्यक्रम के मंच से? जी हां! बिल्कुल ऐसा ही हुआ है. मुख्यमंत्री रघुवर दास 15 अक्टूबर को जमशेदपुर के विद्यापति नगर (बारीडीह) में दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन करने पहुंचे थे. मंच पर पहले से जानेमाने समाजसेवी सह उद्योगपति बेली बोधनवाला, भाजपा नेता तथा भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले जो अर्जुन मुंडा के काफी करीबी माने जाते हैं और शिव शंकर सिंह उपस्थित थे. मुख्यमंत्री पंडाल उद्घाटन के लिए जैसे जी मंच पर चढ़ने लगे, एकबारगी उनकी नजर अमरप्रीत सिंह काले पर पड़ी, वो चौंके और मंच की सीढ़ियों से ही उल्टे पांव मुड़ गये. हालांकि इस क्रम में नजर नीची किये ही उन्होंने आगवानी कर रहे बेली बोधनवाला और शिवशंकर सिंह से हाथ मिलाया.


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देखें वीडियो : किस तरह से सीएम उद्योगपति बेली बोधनवाला से हाथ मिलाकर जल्दी से मंच से उतर गये.

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चर्चा जोरों पर कि क्या ऐसा करना सीएम को शोभा देता है

जमशेदपुर में इस बात की बड़ी चर्चा हो रही है कि क्या एक मुख्यमंत्री को मंच का इस तरह से अपमान करना शोभा देता है? कई लोगों का यह भी कहना है कि काले की बढ़ती लोकप्रियता को मुख्यमंत्री और उनका खेमा पचा नहीं पा रहा है और यही कारण है कि पूजा जैसे पवित्र कार्यक्रम में भी मुख्यमंत्री जैसे ऊंचे ओहदे पर होने के बावजूद रघुवर दास काले के प्रति अपनी भावना छुपा नहीं पाये. लोग यह भी कह रहे हैं कि खुलेआम अपनी भावना का इजहार कर मुख्यमंत्री ने राजनीतिक विद्वेष को एक अलग मुकाम पर पहुंचा दिया है. वहीं भाजपा खेमे में यह चर्चा भी हो रही है कि पिछले चार साल में सत्ता शक्ति का दुरुपयोग करते हुए अमरप्रीत सिंह काले को हर कदम पर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई. लेकिन अब चुनावी वर्ष में नजरें छिपाने की मजबूरी आन पड़ी है.



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