न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

सोलर एनर्जी को बढ़ावा दिया जाये, अनियमित बिजली किसानों की परेशानी : रमापति

33

Ranchi : सोलर एनर्जी के राज्य में काफी आसार हैंं, क्योंकि ये कभी खत्म नहीं होते. झारखंंड में कम से कम 300 दिनों तक सूर्य की रौशनी मिलती है. ऐसे में सोलर बेस्ड उपकरणों का इस्तेमाल करना कई तरीके से फायदेमंद है.

mi banner add

उक्त बातें जेरेडा के प्रोजेक्ट निदेशक अरंविद कुमार होटल बीएनआर में वर्कशॉप में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजना है कि 2022 तक 1 लाख 72 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाये. जिसमें से एक लाख मेगावाट बिजली का उत्पादन सोलर प्लांट से किया जाये. अन्य उर्जा का निर्माण बायोमास समेत अन्य स्रोतों से किया जाये.

उन्होंने कहा कि लोगों के बीच अक्षय उर्जा के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता है. लोग जब समझेंगे कि ये सस्ती और अक्षय है, तो इसका खुद इस्तेमाल करेंगे.

इसे भी पढ़ें : नाली में ही बिछाया जा रहा पाइप, बिरसा चौक से हिनू तक डक्ट और पाइप लाइन बिछाने का चल रहा है काम

सोलर पंपसेट से किसानों को मिल रहा लाभ

अरंविद कुमार ने कहा कि सोलर प्लांटों का सबसे अधिक फायदा किसानों को मिल रहा है. जानकारी देते हुए कहा कि झारखंड सरकार मानसूनी वर्षा पर निर्भरता को कम करने के लिए लगातार सोलर ऊर्जा चांलित सिंचाई पंपसेट को प्रोत्साहित कर रही है.

साथ ही बंजर व शुष्क भूमि पर सोलर फार्मिंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि लघु जल विद्युत परियोजना के लिए भी 68 स्‍थलों को चिन्हित किया है. जिसमें 40 पर सर्वे किया गया, 13 स्‍थानों के लिए डीपीआर तैयार हो गया है.

Related Posts

पलामू : डायरिया से बच्चे की मौत, माता-पिता व भाई गंभीर, गांव में दर्जन भर लोग पीड़ित

स्वास्थ्य विभाग के डायरिया नियंत्रण की खुली पोल, आनन-फानन में कुछ लोगों को एंबुलेंस से भेजा अस्पताल

वहीं विंड मिल के लिए 20 साइटों में से झुमरा, बुढ़मा और पारसनाथ पहाड़ियों को चिन्हित किया गया है. यहां कोशिश की जा रही है कि विंड मिल लगाया जाये. जिसके लिए कम से कम जमीन की भी जरुरत है.

इसे भी पढ़ें : केके खंडेलवाल को योजना सह वित्त विभाग की जिम्मेवारी, रहाटे को कार्मिक का अतिरिक्त प्रभार

अनियमित बिजली किसानों की समस्या

मौके पर सीड के रमापति कुमार ने कहा कि किसानों के लिए अनियमित और असंगठित बिजली क्षेत्र किसानों के विकास के लिए एक बड़ी समस्या है. बदलते मौसम पैटर्न और भू-जल आपूर्ति की कमी इस समस्या को और गहरा बनाती है.

उन्होंने कहा कि सरकार को इन समस्याओं से जुझने के लिए तैयारी करना चाहिए. जिससे किसानों की आमदनी दुगनी हो सके. ऐसे में अक्षय उर्जा एक साधन है, जिससे किसानों को खेती में सहयता होगी. इस दौरान सोलर कोल्ड स्टोरेज के बारे में भी जानकारी दी गयी.

इसे भी पढ़ें :  इस साल अब तक पांच आईएएस हो चुके रिटायर, नवंबर तक नौ और होंगे रिटायर-49 पद रिक्त

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: