न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

घावों को भरने में मिट्टी मदद कर सकती है

बैक्टीरिया की कुछ किस्मों को खत्म कर सकती है कम आयरन वाली मिट्टी

355

Washington : कुछ संस्कृतियों में उपचार के दौरान त्वचा के ऊपरी परत पर कीचड़ या गीली मिट्टी का लेप लगाने का चलन आम है, और अब एक नये अध्ययन ने बताया है कि यह प्रक्रिया जख्मों में बीमारी पैदा करने वाले रोगाणुओं से लड़ने में मददगार हो सकती है.

कोशिकाओं को पर्यावरण के खतरों से सुरक्षित रखते हैं

बायोफिल्म

अमेरिका के एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी में अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि मिट्टी की कम से कम एक किस्म में सीआरई एवं एमआरएसए जैसी प्रतिरोधी बैक्टीरियों सहित एस्चेरीचिया कोलाई और स्टाफिलोकोकस ऑरियस बैक्टीरिया से लड़ने वाले प्रतिजैविक प्रतिरोधी (एंटीबैक्टेरियल) प्रभाव होते हैं. कई बैक्टीरिया में उनके प्लैंक्टोनिक (प्लवक) और बायोफिल्म दोनों स्थितियों में मिट्टी का लेप प्रभावी होता है. प्लैंक्टन एक प्रकार के प्राणी या वनस्पति हैं जो आम तौर पर जल में पाये जाते हैं. जबकि बायोफिल्म बैक्टीरिया में पायी जाने वाली एक तरह की जीवन शैली है. अधिकतर बैक्टीरिया बायोफिल्म नामक बहुकोशिकीय समुदाय बनाते हैं जो कोशिकाओं को पर्यावरण के खतरों से सुरक्षित रखते हैं.

palamu_12

 बैक्टीरिया की कुछ किस्मों को खत्म कर सकती है कम आयरन वाली मिट्टी

अमेरिका के मायो क्लिनिक में क्लिनिकल माइक्रोबायोलॉजिस्ट रॉबिन पटेल ने कहा कि हमने देखा कि प्रयोगशाला की स्थितियों में कम आयरन वाली मिट्टी बैक्टीरिया की कुछ किस्मों को खत्म कर सकती है. इनमें बायोफिल्म्स के तौर पर पनपे बैक्टीरिया भी हैं जिनका उपचार विशेषकर चुनौतीपूर्ण हो सकता है. बायोफिल्म्स तब पनपते हैं जब बैक्टीरिया सतह से जुड़ते हैं और एक फिल्मनुमा परत या संरक्षणात्मक कोटिंग बनाते हैं जो उन्हें एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति अपेक्षाकृत प्रतिरोधक बनाता है. फिजिशियन जिन संक्रमणों के बारे में बताते हैं उनमें से दो तिहाई में ये बैक्टीरिया मौजूद होते हैं. यह अनुसंधान इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एंटीमाइक्रोबायल एजेंट्स में प्रकाशित हुआ है. बहरहाल उन्होंने यह भी आगाह किया कि हर तरह की मिट्टी फायदेमंद नहीं होती है. इनमें कुछ बैक्टीरिया को पनपने में मददगार भी होती हैं.

इसे भी पढ़ें- सुषमा स्वराज ने कहा था इजरायल दौरे से रणधीर सिंह का नाम हटा किसानों को भेज दीजिए : डीएन चौधरी

इसे भी पढ़ें- IAS महकमा भी विवादों से नहीं अछूता, ब्यूरोक्रेसी की सरकार से ठनी

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

%d bloggers like this: