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समाज को किडनी रोग विशेषज्ञों की बहुत जरूरतः डॉ आलोक रॉय

Ranchi : मेडिका अस्पताल समूह के चेयरमैन डॉ. आलोक रॉय ने कहा कि समाज को किडनी रोग विशेषज्ञों की बहुत जरूरत है. जिस तेजी से किडनी मरीजों की संख्या बढ़ रही है, उसकी तुलना में किडनी रोग विशेषज्ञ बहुत कम हैं. यदि सुपरस्पेशलिस्ट डॉक्टर, छोटे या मध्यम श्रेणी वाले शहरों के मेडिकल प्रैक्टिसनर्स के साथ किडनी रोग संबंधी जानकारी साझा करें, तो समाज का बहुत भला हो सकता है. डॉ राय भगवान महावीर मेडिका सुपरस्पेशलटी हॉस्पिटल में आयोजित किडनी रोग निवारण कार्यक्रम की प्रशिक्षण कार्यशाला के प्रतिभागी डॉक्टरों को संबोधित कर रहे थे.

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मेडिका रांची में किडनी रोग निवारण कार्यक्रम के डायरेक्टर डॉ पंकज मिश्रा ने कहा कि देश की करीब 10 प्रतिशत आबादी किडनी रोग से पीड़ित है.

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मरीज उस समय परामर्श या संपर्क करते हैं, जब उनकी बीमारी काफी गंभीर हो चुकी होती है. तब, इलाज के विकल्प बहुत सीमित होते हैं. और ज्यादातर मामलों में परिणाम भी बहुत उत्साहवर्धक नहीं होते.

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लेकिन आरंभिक चरण यानी शुरुआत में ही किडनी रोग की पहचान हो जाये, तो करीब 70 प्रतिशत मरीजों की जान बचायी जा सकती है.

डॉ अशोक कुमार वैद्य ने कहा कि किडनी रोग के लिए मुख्यतः दो बीमारियां जिम्मेदार होती हैं. पहला, मधुमेह (डायबिटीज) और दूसरा, उच्च रक्तचाप (हाई ब्लडप्रेशर). जहां डायबिटीज के करीब 40 प्रतिशत मरीजों को किडनी रोग होने का खतरा रहता है, वहीं उच्च रक्तचाप या अनियंत्रित ब्लड प्रेशर से पीड़ित करीब 20 प्रतिशत मरीज किडनी की बीमारी की चपेट में आते हैं.

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मेडिका रांची के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. विजय कुमार मिश्रा के अलावा कार्यशाला में सिमडेगा, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग, रामगढ़ एवं रांची से पधारे कुल 32 डॉक्टरों ने हिस्सा लिया.

कोलकाता के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अमित रे, मेडिका रांची के एवीपी अनिल कुमार, एडवाइजर डॉ. आनंद श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में डाक्टर व कर्मचारी उपस्थित थे.

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