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तो बताएं… झारखंड के नेताओं में अमर्यादित भाषा के लिए किसे मिल सकता है फर्स्ट प्राइज

भाषा एक ऐसी चीज है, जो आपको नापने का पैमाना माना जाता है. आपकी मर्यादा और सोच तक भाषा तय करती है.

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Akshay Kumar Jha

Ranchi: यह सवाल कौन बनेगा करोड़पति का नहीं बल्कि झारखंड का है. सवाल इसलिए कि आए दिन झारखंड के ऊंचे कद के नेता मीडिया और कैमरा के सामने अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं. भाषा एक ऐसी चीज है, जो आपको नापने का पैमाना माना जाता है. आपकी मर्यादा और सोच तक भाषा तय करती है. कई ऐसे उदाहरण हैं जो अपनी भाषा और भद्रता के लिए जाने जाते हैं. भले ही उनकी कार्यशैली कैसी भी हो. इस वक्त झारखंड में इस बात को कहना इसलिए जरूरी है, क्योंकि ऐसा माहौल बनता जा रहा है, जिससे लग रहा है कि ऊंचे कद के नेताओं में गाली-गलौज करने की होड़ लगी हो. तो ऐसे में झारखंड की जनता को न्यूज विंग एक मौका दे रहा है यह तय करने का कि झारखंड में नेताओं में अमर्यादित भाषा के लिए आखिर किसे दिया जाए फर्स्ट प्राइज.”

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नामः रघुवर दास, तारीखः 06 दिसंबर 2017, जगहः गढ़वा

गढ़वा जिले के कचहरी रोड के उत्सव गार्डेन में छह दिसंबर को बजट पूर्व संगोष्ठी हुई थी. इसमें सीएम ने कहा कि पलामू, गढ़वा लातेहार में बहुत बिचौलिए हैं. जाति के नाम पर लूटा कि हम ब्राह्मण हैं. अपनी जाति में शादी करता है. जात, बेटी-रोटी इन सबको रोकने के लिए रघुवर दास की सरकार है. ऐसा कहने के बाद राज्यभर में ब्राह्मणों ने मुख्यमंत्री का विरोध किया. कई जगह पुतले तक फूंके गए. बात धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में चली गयी.

नामः रघुवर दास, तारीखः 16 दिसंबर 2017, जगहः विधानसभा

सदन की कार्यवाही अपने चरम पर थी. रोजगार को लेकर विपक्ष हंगामा कर रहा था. विपक्ष का आरोप था कि झारखंड के बजाय दूसरे राज्यों के लोगों को झारखंड में नौकरी दी जा रही है. जवाब देने के लिए खुद सीएम रघुवर दास उठे. वो पूरी तैयारी के साथ सदन में आए थे. एक कागज में रोजगार का लेखा-जोखा पढ़ रहे थे. इसी दौरान उन्होंने साफ तौर कहा “स….. मिर्ची लग रहा है”. बाद में विपक्ष के नेता हेमंत सोरेन ने इस बात का विरोध किया और सदन से वाक आउट कर गए.

नामः रघुवर दास, तारीखः 03 दिसंबर 2018, जगहः दुमका

दुमका में सीएम रघुवर दास एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. मंच पर उनके साथ मंत्री लुईस मरांडी भी थीं. उन्होंने जनता को दिए अपने संबोधन में कहा कि “देखो गरीबी तभी समाप्त होगा, नारा से समाप्त नहीं होगा, भाई आदिवासी और मूलवासी बोलने से समाप्त नहीं होगा. नेता लोग इतना दिन से च……. बना रहा है, खाली आदिवासी-मूलवासी बोलकर, उसी के नाम पर लूटे जा रहा है.  आदिवासी का गरीबी समाप्त कैसे होगा. मेरे जिंदगी का संकल्प है गरीबी को नेस्तानाबूद करना”.

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नामः हेमंत सोरेन, तारीखः 02 नवंबर 2018, जगहः लोहरदगा

लोहरदगा में पत्रकारों से वंशवाद पर बात करते हुए पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की जुबान बहक गयी. उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि “परिवारवाद, आपको क्या लगता है परिवारवाद…परिवारवाद के बारे में आप ही आकलन कीजिए…भारतीय जनता पार्टी को ये नैतिक अधिकार है, ये सवाल पूछने का…मोदी जी का परिवार अब आगे नहीं बढ़ पाया, तो इसमें मेरा क्या कसूर है भैया…बताओ…ये तो अजीब बात है…शेर का बच्चा है तो क्या कुत्ता पैदा होगा…”

नामः बाबूलाल मरांडी, तारीखः 23 फरवरी 2019, जगहः रांची

दल-बदल मामले में स्पीकर द्वारा दिये गये फैसले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री सह झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी अपनी भड़ास निकाल रहे थे. इस भड़ास का टेंपरेचर इतना हाई था कि ठंडे मिजाज के माने जानेवाले बाबूलाल का माथा गरम हो गया और अपनी जुबान पर से उनकी पकड़ फिसल गयी. कह दिया- ये लोग (बीजेपी वाले) झारखंड के लोगों को चू@### समझते हैं क्या. उनकी नरम जुबान से निकला यह कंटीला शब्द (चू@###) सुन, सुननेवाले भी स्तब्ध रह गये कि क्या यह वही बाबूलाल मरांडी हैं, जो अपनी बातों, अपने वक्तव्यों में संयम का हमेशा परिचय देते रहे हैं.

नामः डॉ. अजय कुमार, तारीखः 28 फरवरी 2019, जगहः रांची

राहुल के रांची दौरे को लेकर मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा दिये गये आईसीयू वाले बयान पर प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा है कि सीएम का अनाप-शनाप बयान अधिकतर शाम के वक्त ही आता है. अजय कुमार यही नहीं रूके, इससे आगे उन्होंने कहा कि शाम के वक्त सीएम की मानसिक दशा क्या होती है, वह प्रदेश की जनता जानती है. साथ ही कहा कि, उस वक्त उन्होंने किस पदार्थ का सेवन किया था, उसपर वे कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं. हालांकि कांग्रेस उऩ्हें यह नसीहत जरूर देगी कि कांग्रेस से ज्यादा मुख्यमंत्री को अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए. वे जिस पदार्थ का काफी सेवन करते हैं, अगर यही स्थिति बनी रही, तो कांग्रेस को नहीं बल्कि उन्हें आईसीयू जाना पड़ेगा. प्रदेश अध्यक्ष ने यह बातें पाकिस्तान सेना द्वारा गिरफ्तार किए गए विंग कमांडर कैप्टन अभिनंदन की सकुशल रिहाई के लिए प्रार्थना सह मौन धारण कार्यक्रम के दौरान कही.

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