JharkhandRanchi

रांची समेत अन्य जिलों में लगने थे स्मार्ट मीटर, JBVNL बोर्ड सदस्यों की कमी के कारण नहीं मिली स्वीकृति

विज्ञापन

Ranchi :  जेबीवीएनएल की ओर से स्मार्ट मीटर के नये टेंडर का नोटिस जारी किया गया है. यह नोटिस जेबीवीएनएल की बोर्ड बैठक में बिना पास किये निकाला गया है. प्रशासनिक स्वीकृति के बाद रांची के लिए यह टेंडर निकाला गया है. बता दें प्रशासनिक स्वीकृति के एक साल के बाद तक बोर्ड में यह प्रस्ताव लाया जा सकता है. पिछले दस महीने से जेबीवीएनएल की बोर्ड बैठक आयोजित नहीं हुई. जिसका मुख्य कारण अधिकारियों की कमी और अतिरिक्त प्रभार है. हालांकि इस नोटिस के बाद भी आवेदकों को टेंडर भरने के लिए अक्टूबर तक का इंतजार करना होगा.

जेबीवीएनएल बोर्ड के छह सदस्य होते है. इसमें से मात्र दो सदस्य ही वर्तमान में बोर्ड में हैं. जिसमें ऊर्जा सचिव सह सीएमडी जेबीवीएनएल और वित्त सचिव है. वहीं चार पद रिक्त हैं. जिसमें निदेशक ऑपरेशन समेत अन्य पद रिक्त हैं. अधिकारियों की कमी के कारण पिछले दस महीने से स्मार्ट मीटर के लिए अन्य जिलों का प्रस्ताव रुका है.

इसे भी पढ़ेंः IPL : शुरूआती 3 में 2 मैच हारी चेन्नई सुपर किंग्स, कहां चूक रही है धौनी की टीम ?

advt

अन्य जिलों में भी लगने है स्मार्ट मीटर

जेबीवीएनएल की ओर से तय किया गया था कि रांची समेत हजारीबाग, गिरिडीह, बोकारो, जमशेदपूर समेत अन्य जिलों में स्मार्ट मीटर के लिए टेंडर निकाला जायेगा. इन सभी जिलों में स्मार्ट मीटर के साथ प्री पेड की सुविधा होगी. पहले योजना थी कि बोर्ड में एक बार प्रस्ताव लाकर, टेंडर निकाला जायेगा.

इसे भी पढ़ेंः कोरोना संक्रमण : देश में एक ही दिन में सामने आए संक्रमण के 85,362 मामले

नोटिस जारी किया गया

लेकिन अधिकारियों की कमी और बोर्ड बैठक नहीं होने के कारण अब रांची जिला के लिए टेंडर निकाला गया. जेबीवीएनएल रांची विद्युत आपूर्ति क्षेत्र के प्रबंधक संजय कुमार ने बताया कि रांची जिला के लिए नोटिस जारी किया गया है. जिसे अक्टूबर में ही आवेदक भर सकते है. इसकी प्रक्रिया अभी चलेगी. वहीं रांची जिला के लिए पहले निकाले गये टेंडर को रद्द कर दिया गया है.

3 लाख 50 हजार मीटर होते रिप्लेस

रांची जिला के लिए पिछले साल भी स्मार्ट मीटर का टेंडर निकाला गया था. जिससे कोरोना लॉकडाउन के बाद रद्द किया गया. पहले के टेंडर के मुताबिक जेबीवीएनएल रांची जिला में 3 लाख 50 हजार मीटर बदले जातें और इसके स्थान पर स्मार्ट मीटर लगायेंगे जायेंगे. पूर्व की योजना अनुसार उपभोक्ताओं को इसका भुगतान नहीं करना होता. वर्तमान में जारी टेंडर नोटिस के अनुसार 3 लाख 50 ही मीटर लगाये जायेंगे.

adv

इसे भी पढ़ेंः कर्ज में डूबे अनिल अंबानी ने ब्रिटेन की अदालत में कहा- परिवारवाले उठा रहे उनका खर्च  

advt
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button