Ranchi

पावर ग्रिड निर्माण की धीमी रफ्तार, चार साल में मात्र एक जगह ही शुरू किया गया ग्रिड

Ranchi: साल 2015 के बाद से राज्य के सात जिलों में पावर ग्रिड बनाने का काम शुरू किया गया. हालांकि पावर ग्रिड निर्माण अलग-अलग आठ योजनाओं के तहत बनाया गया.

जिसमें पावर ग्रिड कॉपरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (PGCIL) की ओर से अधिकांश पावर ग्रिड बनाये जाने थे. इसे लेकर PGCIL और तत्कालीन राज्य सरकार के बीच 2012 में एमओयू भी हुआ था.

इसे भी पढ़ेंःपूर्व #CJI रंजन गोगोई ने ली राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ, विपक्ष का वॉकआउट

चार साल बीत जाने के बाद भी राज्य में इन पावर ग्रिड निमार्ण कार्य को पूरा नहीं किया गया. कुछ तो राज्य सरकार की फंडिंग के कारण और कुछ PGCIL की धीमी कार्य गति के कारण.

गौरतलब है कि जिन सात जिलों में ये पावर ग्रिड बनाये जा रहे है, सभी डीवीसी से बिजली लेने वाले जिले हैं. जिनमें रामगढ़, हजारीबाग, चतरा, बोकारो, धनबाद, कोडरमा और गिरिडीह है.

इन जिलों में राज्य सरकार की ओर से पावर ग्रिड निमार्ण कर सेंट्रल पुल या जेबीवीएनएल से जोड़ना था. फॉरेस्ट क्लीयरेंस और भूमि अधिग्रहण विवाद के कारण भी कुछ स्थानों पर संचरण शुरू नहीं की गयी.

ग्रिड लगा लेकिन ट्रांसमिशन शुरू नहीं

इन जिलों में कुछ ऐसे इलाके भी है, जहां ग्रिड बन कर तैयार है. लेकिन ट्रांसमिशन शुरू नहीं किया गया. बता दें पीजीसीआइएल के साथ झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड के आपसी सहयोग से काम पूरा किया जा रहा है.

जिन इलाकों में ग्रिड लगा है और ट्रांसमिशन शुरू नहीं है उनमें गोला, हजारीबाग जिले में बरही, हंटरगंज, सिमरिया, सरिया, बरही, विष्णुगढ़ जैसे इलाके है. हजारीबाग के इन इलाकों में ग्रिड संबंधी सभी सामान क्षेत्र में लगा दिये गये हैं, लेकिन इस पर काम अब तक शुरू नहीं हुआ है. इन जिलों में 132/33 केवी ट्रांसमिशन लाइन बनानी थी.

इसे भी पढ़ेंःधुर्वा डैम का घटता जलस्तर चिंताजनक, अगले 50 वर्ष की कार्ययोजना बनायी जाये: मिथिलेश ठाकुर

पिछले चार साल में सिर्फ एक जगह शुरू है ग्रिड

जिन जिलों में ग्रिड बनना था, उसमें से सिर्फ गोविंदपुर में ही पावर ग्रिड शुरू किया गया. जमशेदपुर के कुछ इलाके पहले डीवीसी के अंतर्गत थे. जिसमें धालभूगढ़, जादूगोड़ा में ट्रांसमिशन शुरू किया गया है.

धनबाद के महुदा, दुग्धा इलाके में 132/33 केबी ट्रांसमिशन लाइन नहीं बनाये जाने के कारण ट्रांसमिशन शुरू नहीं है. हालांकि इन इलाकों में ग्रिड बन कर तैयार है. पावर ग्रिड निमार्ण से संबंधित अधिकांश मामले फॉरेस्ट क्लीयरेंस के कारण रूके हैं.

वहीं जमीन अधिग्रहण के कारण भी कई मामले हैं जो रूके हैं. पिछले दिनों इन्हीं सात जिलों में लगभग पांच दिन तक 18 से 12 घंटे लोड शेडिंग की गयी थी. पहले भी कई बार ऐसा किया गया है. इसके बाद भी ऊर्जा सचंरण निगम लिमिटेड और पीजीसीआइएल की कार्य गति धीमी है.

इसे भी पढ़ेंः#Corona के 170 पॉजिटिव केस, दिल्ली में एक संदिग्ध मरीज ने दी जान, आज राष्ट्र को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button