न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

अंजलि यादव समेत छह पदाधिकारी देखेंगे रांची की विधि व्यवस्था

17 से 23 तक होगी रांची में इनकी प्रतिनियुक्ति, पीएम के कार्यक्रम को देखते हुए लिया गया निर्णय

221

Ranchi: 23 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रांची दौरे को देखते हुए राजधानी की विधि व्यवस्था बनाये रखने के लिए कार्रवाई तेज कर दी गयी है. बुधवार को सरकार के अवर सचिव अरुण कुमार सिन्हा द्वारा विधि व्यवस्था बनाये रखने के लिए 6 पदाधिकारियों को इसकी जिम्मेवारी सौपीं गयी.

इसे भी पढ़ेंःझारखंड से किनारा कर रहे IAS अधिकारी, 11 चले गये 4 जाने की तैयारी में

छह पदाधिकारी पर विधि व्यवस्था का जिम्मा

इनमें खूंटी की डीडीसी अंजलि यादव, चाईबासा के डीडीसी आदित्य रंजन, सिमडेगा के डीडीसी अनन्य मित्तल, गढ़वा के डीडीसी नमन प्रियेश लकड़ा, खूंटी के परीक्ष्यमान उत्कर्ष गुप्ता एवं पलामू के परीक्ष्यमान तार चन्द के नाम शामिल है. इन सभी पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति 17 सितम्बर को कर दी जायेगी.

17 से 23 सितम्बर तक ये सभी पदाधिकारी रांची जिला में ही विधि व्यवस्था की कमान संभालेंगे. सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारी डीसी राय महिमापत रे को अपनी रिपोर्ट सौपेंगे.

इसे भी पढ़ें- घुटन में माइनॉरटी IAS ! सरकार पर आरोप- धर्म देखकर साइड किए जाते हैं अधिकारी

23 को आ रहे हैं प्रधानमंत्री

ज्ञात हो कि आगामी 23 सितम्बर को प्रधानमंत्री नरेंद्र रांची आ रहे हैं. वे दिन के 12.30 बजे से 2.30 बजे तक वह यहां रहेंगे. इस दौरान पीएम मोदी झारखंड में स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम आयुष्मान भारत की शुरुआत करेंगे. वहीं कोडरमा व चाईबासा मेडिकल कॉलेज सहित रिनपास, कांके में बनने वाले कैंसर अस्पताल की आधारशिला भी रखेंगे. इसी दिन टाटा ट्रस्ट के साथ झारखंड सरकार एसपीवी के लिए एमओयू भी करेगी.

57 लाख परिवारों का होगा बीमा

आयुष्मान भारत के तहत झारखंड के 57 लाख परिवारों को पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कराया जायेगा. साथ ही दो लाख अन्य परिवारों को भी इसमें जोड़ा जाएगा.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें
स्वंतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकट लगातार गहराता जा रहा है. भारत के लोकतंत्र के लिए यह एक गंभीर और खतरनाक स्थिति है.इस हालात ने पत्रकारों और पाठकों के महत्व को लगातार कम किया है और कारपोरेट तथा सत्ता संस्थानों के हितों को ज्यादा मजबूत बना दिया है. मीडिया संथानों पर या तो मालिकों, किसी पार्टी या नेता या विज्ञापनदाताओं का वर्चस्व हो गया है. इस दौर में जनसरोकार के सवाल ओझल हो गए हैं और प्रायोजित या पेड या फेक न्यूज का असर गहरा गया है. कारपोरेट, विज्ञानपदाताओं और सरकारों पर बढ़ती निर्भरता के कारण मीडिया की स्वायत्त निर्णय लेने की स्वतंत्रता खत्म सी हो गयी है.न्यूजविंग इस चुनौतीपूर्ण दौर में सरोकार की पत्रकारिता पूरी स्वायत्तता के साथ कर रहा है. लेकिन इसके लिए जरूरी है कि इसमें आप सब का सक्रिय सहभाग और सहयोग हो ताकि बाजार की ताकतों के दबाव का मुकाबला किया जाए और पत्रकारिता के मूल्यों की रक्षा करते हुए जनहित के सवालों पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाए. हमने पिछले डेढ़ साल में बिना दबाव में आए पत्रकारिता के मूल्यों को जीवित रखा है. इसे मजबूत करने के लिए हमने तय किया है कि विज्ञापनों पर हमारी निभर्रता किसी भी हालत में 20 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो. इस अभियान को मजबूत करने के लिए हमें आपसे आर्थिक सहयोग की जरूरत होगी. हमें पूरा भरोसा है कि पत्रकारिता के इस प्रयोग में आप हमें खुल कर मदद करेंगे. हमें न्यूयनतम 10 रुपए और अधिकतम 5000 रुपए से आप सहयोग दें. हमारा वादा है कि हम आपके विश्वास पर खरा साबित होंगे और दबावों के इस दौर में पत्रकारिता के जनहितस्वर को बुलंद रखेंगे.

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Open

Close
%d bloggers like this: