न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

पैसे लेकर झाविमो से बीजेपी आये थे छह विधायक, बाबूलाल ने तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष की राष्ट्रीय अध्यक्ष को लिखी चिट्ठी राज्यपाल को सौंप लगाया आरोप

3,476

Ranchi : झारखंड विकास मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को एक चिट्ठी सौंपी है. झारखंड विकास मोर्चा का कहना है कि यह चिट्ठी भाजपा के तत्कालीन झारखंड प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राय ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को लिखी है. चिट्ठी तत्कालीन झारखंड प्रदेश के प्रभारी त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजी गयी. इस चिट्ठी में लिखा है कि झारखंड विकास मोर्चा के सभी छह विधायक, जो झाविमो छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए, उन्होंने पैसे लेकर बीजेपी का दामन थामा. इतना ही नहीं, इस चिट्ठी में यह भी लिखा है कि किस विधायक को किस नेता ने किसके संरक्षण में कितने पैसे दिये. बताते दें कि इस चिट्ठी में बकाया राशि का भुगतान करने का जिम्मा राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने लिया था. इस चिट्ठी को राज्यपाल को सौंपने के बाद बाबूलाल मरांडी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया को इसकी प्रति उपलब्ध करायी.

यह है वह चिट्ठी

पैसे लेकर झाविमो से बीजेपी आये थे छह विधायक, बाबूलाल ने तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष की राष्ट्रीय अध्यक्ष को लिखी चिट्ठी राज्यपाल को सौंप लगाया आरोप

किस नेता का है नाम और किस विधायक ने लिये कितने पैसे

  • बता दें कि 2014 के विधानसभा चुनाव में झारखंड विकास मोर्चा ने आठ सीटों पर जीत हासिल की थी. आठ से छह विधायक सरकार बनते वक्त बीजेपी में शामिल हो गये. उस वक्त से विधानसभा के झालसा में इस मामले की सुनवाई विधानसभा अध्यक्ष कर रहे हैं. चिट्ठी के मुताबिक-
  • गणेश गंझू, जो सिमरिया के विधायक हैं, उन्होंने बीजेपी में शामिल होने के लिए दो करोड़ रुपये चतरा के सांसद सुनील कुमार सिंह से लिये. मामले की निगरानी राकेश प्रासद कर रहे थे.
  • रणधीर कुमार सिंह, जो सारठ से विधायक हैं, उन्होंने बीजेपी में शामिल होने के लिए दो करोड़ रुपये महेश पोद्दार (जो अभी झारखंड से राज्यसभा सांसद हैं) से लिये. मामले की निगरानी दीपक प्रकाश कर रहे थे.
  • नवीन जायसवाल, जो हटिया से विधायक हैं, उन्होंने बीजेपी में शामिल होने के लिए दो करोड़ रुपये नगर विकास मंत्री सीपी सिंह से लिये. मामले की निगरानी प्रदीप कुमार वर्मा कर रहे थे.
  • अमर कुमार बाउरी, जो चंदनकियारी से विधायक हैं, उन्होंने बीजेपी में शामिल होने के लिए एक करोड़ रुपये विधायक विरंची नारायण से लिये. मामले की निगरानी संजय सेठ कर रहे थे.
  • आलोक कुमार चौरसिया, जो डालटनगंज से विधायक हैं, उन्होंने बीजेपी में शामिल होने के लिए दो करोड़ रुपये अनंत ओझा से लिये. मामले की निगरानी उषा पांडे कर रही थीं.
  • जानकी कुमार यादव, जो बरकट्ठा से विधायक हैं, उन्होंने बीजेपी में शामिल होने के लिए दो करोड़ रुपये मुख्यमंत्री रघुवर दास से लिये. मामले की निगरानी राजेंद्र सिंह कर रहे थे.

इसे भी पढ़ें- आप तक पाइपलाइन से रसोई गैस पहुंचानेवाले थे सीएम साहब, थपथपायी थी अपनी पीठ, अब उन्हीं के विभाग ने…

रिसीविंग पर्ची सीएम रघुवर दास को सौंपी गयी

चिट्ठी के मुताबिक, तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राय राष्ट्रीय अध्यक्ष को लिखते हैं कि सभी विधायकों को खरीदने के लिए कुल 11 करोड़ रुपये खर्च हुए. सभी विधायक से पैसा रिसीव करने की पर्ची लेकर सीएम रघुवर दास को सौंपी गयी. चिट्ठी में यह भी लिखा हुआ है कि सभी विधायकों को शेष राशि 36 महीने के बाद दी जायेगी. राशि देने का जिम्मा सीएम रघुवर दास का है और झाविमो से बीजेपी में आये सभी विधायकों के पार्टी में बने रहने का जिम्मा तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राय ने ली.

इसे भी पढ़ें- लोकतंत्र में आलोचना का हक सभी को, महागठबंधन नहीं बल्कि महाठगबंधन है विपक्ष, जनता ने किया बंद असफल :…

हो सीबीआई जांच : बाबूलाल मरांडी

राज्यपाल को सौंपी चिट्ठी में बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि इस मामले में सम्मिलित सभी लोगों पर केस दर्ज हो. पूरे मामले की जांच सीबीआई से करायी जाये. साथ ही, झाविमो से बीजेपी में शामिल हुए छह विधायकों की सदस्यता अविंलब रद्द की जाये.

राज्यपाल को सौंपा पत्र फर्जी, माफी मांगे झाविमो : भाजपा

इधर, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में झारखंड विकास मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल द्वारा राज्यपाल को सौंपी गयी चिट्ठी को फर्जी करार दिया है. उन्होंने कहा कि जिस पत्र को आज शुक्रवार को राज्यपाल को झाविमो नेताओं ने सौंपा है, वह विभिन्न अखबार के दफ्तरों में पिछले एक वर्ष से घूम रहा था. जिस समय की घटना का जिक्र है, उस समय रविंद्र राय प्रदेश अध्यक्ष थे, जबकि यह पत्र किसान मोर्चा के पैड पर है. अखबार जगत के लोगों ने पहले ही इसे फर्जी करार दे इसे नहीं छापा. आज इसी पत्र का हवाला देकर झारखंड विकास मोर्चा के नेता सनसनी पैदा करने की कोशिश में हैं. उन्हें राज्यपाल को दिग्भ्रमित करने के लिए और जनता की आंखों में धूल झोंकने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए. पत्र में जिस तरीके से पैसे के लेनदेन का उल्लेख है, वह पूरे तरीके से हास्यास्पद है. एक बच्चा भी समझ सकता है कि यह पत्र पूरी तरह से फर्जी है. उन्हें अविलंब इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए, वरना भाजपा अन्य विकल्पों पर विचार करेगी.

बाबूलाल मरांडी पर मानहानि का मुकदमा दर्ज करायेगी भाजपा

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने यह भी कहा कि यह स्पीकर की अदालत की भी अवमानना है. जब पूरा मामला स्पीकर की अदालत में चल रहा है, तो उस समय बाहर इस पत्र को दिखाना निंदनीय है और अदालत की अवमानना के दायरे में आता है. भाजपा बाबूलाल मरांडी और झारखंड विकास मोर्चा पर मानहानि का मुकदमा दर्ज करेगी.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: