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Giridih : तीन खाताधारकों के बैंक खाते से ढाई लाख उड़ाने वाले छह साइबर अपराधी गिरफ्तार  

जांच के क्रम में  बैंक कर्मी और ग्राहक सेवा केन्द्र के संचालक शक के घेरे में

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Giridih : बैंक खाताधारकों के मोबाइल नंबर हैक करने के साथ उसी नंबर के फर्जी सीम कार्ड इश्यू कराकर छह साइबर अपराधी गिरिडीह के तीन खाताधारकों के बैंक खाते से ढाई लाख रुपये उड़ाने में सफल रहे.  जिले में अब तक का यह  नया साइबर अपराध का   मामला सामने आया है.  साइबर थाना पुलिस ने उन छह अपराधियों को दबोचने के साथ दर्जन भर मोबाइल फोन के अलावे सीम को भी बरामद करने में सफलता पायी है.  पुलिस ने गिरफ्तार अपराधियों को सोमवार को जेल भेज दिया.। जिन लोगो को पुलिस ने जेल भेजा, उसमें बेंगाबाद के दूधीटांड, फुरसोडीह और बेंगाबाद गांव निवासी मुकेश कुमार, राजकुमार मंडल, सुरेन्द्र मंडल, लखन मंडल, राहुल मंडल, सीताराम मंडल शामिल है.

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पासबुक अपडेट कराने बैंक पहुंचे तो जानकारी मिली

पुलिस के अनुसार इन अपराधियों ने बिरनी के अलग-अलग इलाकों के लोगों से अलग-अलग दिन में खातों से लाखों रुपयों टपाये.  हैरान करने वाली बात यह है कि जिन खाताधारकों के खाते से नकद राशि   ट्रांसफर की गयी,  उनके खाते से ज्वाइंट मोबाइल नंबर को इन अपराधियों ने पहले बंद करा दिया. फिर खाताधारकों के इसी नंबर का डुप्लीकेट सीम का इस्तेमाल कर अपराधियों ने ढाई लाख उड़ा लिये.  लेकिन खाताधारकों को उनके खाते से पैसे गायब होने की जानकारी 16 जनवरी को उस वक्त मिली, जब भुक्तभोगी खाताधारक पासबुक अपडेट कराने बैंक पहुंचे.

उन्होने देखा कि उनके खातों से रुपये गायब है. पुलिस की शुरुआती छानबीन में जो तथ्य निकल कर सामने आये हैं, उसके अनुसार खाताधारकों के बैंक खातों का डिटेल साइबर अपराधियों को बैंक कर्मियों से ही मिला है.  वैसे यह स्पस्ट नहीं हो पाया है कि कर्मियों से साइबर अपराधियों ने किस प्रकार खाताधारकों के डिटेल हासिल किये.   साइबर पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.

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अपराधियों का सहयोग एक ग्राहक सेवा केन्द्र के संचालनकर्ता ने  किया

वैसे छानबीन में पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि इन छह साइबर अपराधियों का सहयोग एक ग्राहक सेवा केन्द्र के संचालनकर्ता ने भी किया था.  क्योंकि जिन खाताधारकों के खाते से  रुपये निकाले गया हैं.  वे खाताधारक ग्राहक सेवा केन्द्र के माध्यम से ही बैंक में नकद जमा करने के साथ निकाला करते थे.  अब यही बात साइबर थाना पुलिस को भी परेशान कर रही है.  छानबीन में यह बात भी निकल कर सामने आयी कि गिरफ्तार अपराधी सीताराम मंडल की पहचान मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के गपैय निवासी महेन्द्र मंडल से फेसबुक के माध्यम से हुई थी. महेन्द्र मंडल ने ही सीताराम मंडल समेत अन्य अपराधियों को फर्जी आधार कार्ड बना कर दिये थे.

पूछताछ में गिरफ्तार अपराधियों ने कई राज उगले हैं

इन फर्जी आधार कार्ड के सहारे  सीताराम मंडल समेत अन्य अपराधियों ने शहर में फुटपाथ पर सीम कार्ड बेचने वाले सीम कार्ड विक्रेताओं से डुप्लीकेट सीम कार्ड की खरीदारी की थी. जिनके सहारे इ अपराधियों ने बिरनी के भरकट्टा निवासी दिलीप कुमार सिन्हा के बैंक खाते से 13 और 14 जनवरी को एक लाख और 50 हजार नकद उड़ाये थे.  इसके बाद अपराधियों ने दूसरा शिकार बिरनी के बलीडीह गांव के संजय तर्वे को बनाते हुए 24 दिसबंर को एक लाख 57 हजार टपाये.  तीसरे खाताधारक बालेशवर यादव के खाते ते इन अपराधियों ने 96 हजार उड़ाये. पूछताछ में गिरफ्तार अपराधियों ने कई राज उगले हैं.  जिस पर पुलिस जांच कर रही है.

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