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धनबाद में अवैध खनन के दौरान छह दबे, तीन की मिली लाश

काफी दिनों से चल रहा था अवैध खनन

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Jhariya/Dhanbad: जिले में बड़े पैमाने पर चल रहा कोयले के अवैध कारोबार और अवैध खनन लोगों की लगातार जान ले रहा है. शुक्रवार को बीसीसीएल एरिया 9 राजपुर डेको आउटसोर्सिंग की चालू परियोजना में अवैध उत्खनन के दौरान चाल धंसने से छह लोग दब गये. जिनमें से तीन की लाश मिली है. अन्य शवों की तलाश जारी है. हालांकि, प्रशासन का कहना है कि अब किसी के दबे होने की आशंका कम ही है. लेकिन डोजर से अभी भी खुदाई की जा रही है.

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अचानक धंसी चाल

जानकारी के अनुसार परियोजना में हर दिन की तरह ही कोयला चोर बसुला और सब्बल लेकर कोयला खोदने पहुंचे थे. जब वह माइंस के अंदर गए तो अचानक ओबी धंसने लगी. जिससे ये हादसा हुआ. बताया जा रहा है कि चालू खदान में ये हादसा हुआ है. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि चालू खदान में अवैध खनन का काम आखिर कैसे हो रहा था. हादसे में मिले शवों में से एक की पहचान नागेश्वर महतो के रुप में हुई है. खबर लिखने तक बीसीसीएल के अधिकारी और सीआईएसएफ मौके पर नहीं पहुंचे है. फिलहाल घटनास्थल पर पुलिस मौजूद है.  सिंदरी डीएसपी प्रमोद कुमार केसरी मौके पर मौजूद हैं. अन्य वरीय अधिकारी भी पहुंचने वाले हैं.

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ताजा मामले में मरनेवाले के परिजन अभी तक सामने नहीं आये हैं. सूत्रों का कहना है कि चालू आऊटसोर्सिंग पैच से ही स्थानीय लोग कोयला निकालकर आसपास के बाजार में बेचकर गुजर बसर करते हैं. मलवे में दबे शवों को स्थानीय लोगों की मदद से निकालने की कोशिश की जा रही है. बताया जा रहा है कि कोई शाहबादी और सुरेश नामक दो व्यक्ति है जो यहां अवैध कोयला उत्खनन का कार्य करवा रहे थे.

इधर मौके पर पहुंचे सीओ केदारनाथ सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि पहले एक शख्स की लाश मिली थी. बाद में दो और शवों को निकाला गया है. झरिया सीओ ने इस घटना के लिए पूरी तरह से बीसीससीएल प्रबंधन को जिम्मेवार ठहराया. पुलिस-प्रशासन ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

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कार्रवाई के नाम पर रटा-रटाया जवाब

घटना को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध कोयला खनन में मरते तो हमेशा गरीब हैं. ना कभी इस तरह के गौरकानूनी कारोबार से लाखों रुपये की अवैध कमाई करनेवाले दबंग पकड़े जाते हैं और न ही इसे संरक्षण देनेवाले वर्दीधारी पुलिस और सीआईएसएफ. अवैध खनन में हर बार गरीब की मौत पर अधिकारियों का रटारटाया जुमला है. मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी, दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा. कभी-कभी अवैध खनन में मौत के बाद कुछ अवैध खनन के मुहानों की डोजरिंग करवाकर कार्रवाई की खानापूर्ति की जाती है. एकाध दिन साइकिल पर कोयला ढुलाई का लगातार चलनेवाला सिलसिला बंद होता है, फिर सब चालू हो जाता है.

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