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चेक क्लोनिंग कर 9.8 लाख रुपये निकालने के मामले में छह आरोपी गिरफ्तार

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Ranchi : लाइन टैंक रोड के रहनेवाले चंद्रकांत कुमार के चेक की क्लोनिंग कर उनके अकाउंट से नौ लाख 80 हजार रुपये निकालने के मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है. कोतवाली थाना की पुलिस ने गुरुवार को इस मामले में संतोष चौरसिया, अक्षय कुमार रवि, राजेश उरांव, संतोष कुमार, अभिषेक पांडेय और रवि कुमार यादव को गिरफ्तार किया. कोतवाली थाना प्रभारी श्यामानंद मंडल ने बताया कि चेक क्लोन कर पैसे निकालने के मामले में जिन छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उन सभी ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है.

बैंक के अधिकारियों के शामिल होने की जतायी गयी थी आशंका

इतनी बड़ी राशि की निकासी के मामले में पीड़ित व्यक्ति चंद्रकांत कुमार ने बैंक के पदाधिकारियों की मिलीभगत की आशंका जाहिर की थी. चंद्रकांत कुमार का कहना है कि बिना किसी की मिलीभगत के इतनी बड़ी रकम नहीं निकाली जा सकती है.

बैंक पदाधिकारियों से आरटीजीएस तत्काल रोकने का किया था आग्रह

लाइन टैंक रोड के रहनेवाले चंद्रकांत कुमार ने एसबीआई मुख्य ब्रांच के शाखा प्रबंधक को दिये आवेदन में कहा था कि 27 नवंबर को अपराह्न करीब 3.42 बजे के उनके मोबाइल पर नौ लाख 80 हजार रुपये के आरटीजीएस का मैसेज आया, जो किसी अभिषेक कुमार पांडे के नाम पर था. आरटीजीएस का मैसेज आने के बाद चंद्रकांत कुमार ने एसबीआई मुख्य ब्रांच के बैंक पदाधिकारियों को फोन करके बताया कि मैंने किसी भी आरटीजीएस करने का चेक जारी नहीं किया है, इसे तत्काल रोक दिया जाये. उसके बाद जब वह एसबीआई मुख्य ब्रांच पहुंचे, तो उन्हें बैंक पदाधिकारियों द्वारा बताया गया कि उनके अकाउंट से डुप्लिकेट चेक नंबर से 27 नवंबर को नौ लाख 80 हजार रुपये आरटीजीएस किया गया है. चंद्रकांत ने एसबीआई मुख्य ब्रांच के शाखा प्रबंधक को दिये आवेदन में कहा था कि बैंक द्वारा जारी ओरिजिनल चेक मेरे पास है और मैंने इसे किसी को भी निर्गत नहीं किया था. इसके बावजूद इतनी बड़ी रकम डुप्लिकेट चेक के माध्यम से आपके बैंक से क्लियरिंग के लिए आया और बैंक के आरटीजीएस क्लियरिंग करनेवाले पदाधिकारियों द्वारा मुझे मेरे अकाउंट से जुड़े मोबाइल नंबर पर सूचना भी नहीं दी गयी. इससे मुझे बैंक के संबंधित कर्मचारी और पदाधिकारी की इस निकासी में मिलीभगत की आशंका लग रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि डुप्लिकेट चेक अल्ट्रावायलेट रेज मशीन से कैसे पास हो गया तथा चेक एवं आरटीजीएस फॉर्म में भी मेरे सिग्नेचर की अनदेखी की गयी थी.

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