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गुरु ग्रंथ साहिब से जुड़े मामले में SIT ने प्रकाश, सुखबीर सिंह बादल और अक्षय कुमार को भेजा सम्मन

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Chandighar: पंजाब के बहबल कलां में बेअदबी के मुद्दे पर पुलिस की गोलीबारी की जांच कर रहे एसआईटी ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, उनके बेटे सुखबीर सिंह बादल और अभिनेता अक्षय कुमार को सम्मन भेजा है. प्रकाश सिंह बादल को 16 नवंबर को पंजाब पुलिस की एसआईटी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है. जबकि सुखबीर को 19 नवंबर तथा अक्षय को 21 नवंबर को अमृतसर में सर्किट हाउस में पेश होने के लिए कहा गया है.

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यहां जारी हुई एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, एसआईटी सदस्य और आईजी रैंक के अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अलग-अलग सम्मन आदेश जारी किए हैं.एसआईटी सदस्य आईपीजी (OCCU) कुंवर विजय प्रताप सिंह ने कहा कि समन वर्ष 2015 में अपवित्रता की विभिन्न घटनाओं से उत्पन्न मामलों की जांच से संबंधित हैं.

दो लोगों की हुई थी मौत

सीआरपीसी की धारा 160 के तहत ये समन जारी किए गए हैं, जिसमें कहा गया है कि बरगाड़ी अपवित्रीकरण के मामले और कोटकापुरा और बहबल कलां में हुई पुलिस की गोलीबारी की घटनाओं से संबंधित जांच में उपस्थिति की आवश्यकता है.
ज्ञात हो कि 2015 में गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने गोलीबारी की थी. गुरु ग्रंथ साहिब के बेअदबी की पहली घटना जून 2015 में फरीदकोट जिले के बुर्ज जवाहर सिंह वाला गांव में हुई थी. इसके बाद 12 अक्टूबर को गुरु ग्रंथ साहिब के 110 पेज उसी जिले के बरगाड़ी गांव में कटे मिले. पंजाब में बेअदबी की कई घटनाएं हुईं थी. इन घटनाओं के विरोध में प्रदर्शन हुआ. मोगा जिले के बहबल कलां में दो लोगों की मौत हो गई थी.

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सत्ता में आने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस मामले की जांच के लिए नई एसआईटी के गठन का ऐलान किया. इस मामले में जस्टिस (रिटायर्ड) रंजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट में डेरा समर्थकों का हाथ सामने आया था. रिपोर्ट के मुताबिक, अक्षय कुमार के खिलाफ आरोप है कि उन्होंने बादल और राम रहीम के बीच मध्यस्थता में भूमिका निभाई. हालांकि अक्षय कुमार ने कहा कि उन्होंने कभी भी राम रहीम से मुलाकात नहीं की.

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