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दो हफ्ते पहले से डॉक्टर कह रहे थे कि यह ओमिक्रोन का संक्रमण, सरकार अब कर रही है पुष्टि

Special Correspondent

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Jamshedpur : इससे बड़ी विडंबना क्या होगी कि राज्य में ओमिक्रोन के व्यापक संक्रमण और उसके मरीजों के ठीक होने के दो सप्ताह बाद राज्य सरकार ने ओमिक्रोन होने की पुष्टि की है. देश भर के चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ ही लक्षण के आधार पर सारे मान रहे थे कि तीसरी लहर के संक्रमण की जद में ओमिक्रोन है. लेकिन लगभग दो सप्ताह बाद झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने आईएलएस भुवनेश्वर को जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजे गये 87 नमूनों में से 14 के ओमिक्रोन संक्रमित होने की पुष्टि की है. मजेदार बात यह है कि जिनमें ओमिक्रोन संक्रमण होने की पुष्टि हुई हैं, वे अब ठीक भी हो गये हैं. उल्लेखनीय है कि ओमिक्रोन संक्रमण का मरीज अधिकतम सात दिन में निगेटिव हो जा रहा है.

अब जमशेदपुर में भी ओमिक्रॉन संक्रमण

राज्य सरकार की ओर से ओमिक्रोन संक्रमण की पुष्टि किये जाने के बाद कहा जा रहा है कि जमशेदपुर में भी ओमिक्रोन संक्रमण की पुष्टि हुई है, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है. टाटा स्टील के मेडिकल सर्विसेस के एडवाइजर डॉ.राजन चौधरी ने गत शुक्रवार को ही बताया था कि कुछ सैंपल भुवनेश्वर भेजे गये हैं और जल्द ही उसके रिजल्ट आने की उम्मीद है. बताया जाता है कि ओमिक्रोन संक्रमित मरीजों में जमशेदपुर के मरीज भी शामिल हैं.

चिकित्सक भी मान रहे-तीसरी लहर में ओमिक्रोन संक्रमित ज्यादा

भले ही सरकार के खाते में ओमिक्रोन संक्रमित मरीजों की संख्या कम है, लेकिन शहर के चिकित्सक भी मानते हैं कि मरीजों के जो लक्षण हैं, वह ओमिक्रोन वैरियेंट के ही हैं. इस बार सांस में होने वाली परेशानियां कम हैं. अधिकतर मरीजों में सर्दी, खांसी, बुखार, डायरिया, बदन दर्द और सरदर्द है, जो तीन से चार दिन में ठीक हो रहा है. टाटा मोटर्स हॉस्पिटल के मेडिसिन हेड डॉ .संजय लाल श्रीवास्तव कहते हैं-झारखंड में जीनोम सिक्वेंसिंग की सुविधा नहीं हैं. ऐसे में हम मरीजों का इलाज उनके लक्षण के आधार पर कर रहे हैं क्योंकि जब तक रिपोर्ट आयेगी, मरीजों का संक्रमण काल खत्म हो गया होगा. टाटा स्टील के मेडिकल सेवा के एडवाइजर डॉ.राजन चौधरी भी बताते हैं कि टीएमएच में आने वाले अधिकतर मरीजों के लक्षण ओमिक्रोन के हैं. यह बहुत घातक नहीं है. भले ही यह तेजी से फैल रहा है. मुश्किल उनके लिए हैं, जो या तो वैक्सीन के डोज नहीं लिए हैं या कोमोर्बिडीज (दूसरी बीमारियों) के शिकार हैं.

हल्के लक्षण पर नहीं करा रहे टेस्ट

ओमिक्रोन के हल्के संक्रमण वाले अधिकतर मरीज टेस्ट से बच रहे हैं. कई तो सिम्प्टोमेटिक होने के बाद भी भीड़ से बच रहे हैं और शहर के अस्पतालों या आइसोलेशन सेंटर में जाने से बच रहे हैं. लेकिन डॉ.राजन चौधरी कहते हैं कि अगर लक्षण सिम्प्टोमेटिक हो तो आरटीपीसीआर टेस्ट जरूर करायें.

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