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दिसंबर से लेकर अब तक सीमेंट की कीमत 80 रुपये प्रति बोरी तक बढ़ी

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  • चुनाव, सरकारी परियोजनाओं में कमी, पानी की कमी होना बताया जा रहा है कारण
  • बड़ी सीमेंट कंपनियों ने बगैर बताये बढ़ा दी कीमतें, कहा मांग बढ़ गयी है
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Deepak

Ranchi: सीमेंट की कीमत पिछले पांच माह में 80 रुपये प्रति बोरी बढ़ गयी है. दिसंबर माह में जो सीमेंट 270-280 रुपये (प्रति 50 किलो बैग) बिक रहा था, वह अब 350 से 370 रुपये की दर से बाजार में उपलब्ध है. यानी यदि आप एक हजार वर्ग फीट की छत की ढलाई कराना चाह रहे हैं, तो 125 बैग सीमेंट आपको लेना होगा, जिसके लिए 46,250 रुपये आपको खर्च करने होंगे. पांच माह पहले छत ढलाई पर 35 हजार रुपये का सीमेंट लगता था. अब बजट में 11 हजार से 12 हजार रुपये की बढ़ोतरी हो गयी है. सीमेंट के डीलरों का कहना है कि बगैर सूचना के ही बिक्री मूल्य (थोक और रीटेल) बढ़ा दिया गया है. उधर रीयल एस्टेट डेवलपरों का कहना है कि सीमेंट के महंगा होने से प्रति वर्ग फीट की लागत भी बढ़ गयी है. रीयल एस्टेट से जुड़े प्रतीक मोरे का कहना है कि लाफार्ज, बिड़ला समूह, अल्ट्राटेक, एसीसी, अंबुजा, जेपी समूह और एसीसी कंपनियों ने एक ही झटके में कीमतें बढ़ायी हैं. इसका सही कारण भी नहीं बताया जा रहा है. बड़े ब्रांड के सीमेंट की कीमत प्रत बैग 350 रुपये से 360 रुपये है. कंपनियों ने जनवरी में 30 रुपये, फरवरी में 25 रुपये और मार्च महीने में 10-20 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है.

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क्या है कारण

सीमेंट कंपनियां सीमेंट के मूल्य में बढ़ोतरी का कारण सरकारी परियोजनाओं में लगातार गिरावट, लोकसभा चुनाव 2019 और पानी की कमी बता रही हैं. हालांकि रेटिंग एजेंसी क्रिसिल का कहना है कि देश भर में जो सीमेंट 290 रुपये बोरी बिक रही थी. उसका मूल्य बढ़ा कर 335 से 350 रुपये कर दिया गया है. देश में सीमेंट का उत्पादन 502 मिलियन टन प्रति वर्ष है. यह बढ़ कर 2021 तक 522 मिलियन टन हो जायेगा. सीमेंट उत्पादन से जुड़ी 210 बड़ी कंपनियों के प्लांट में 70 प्रतिशत ही उत्पादन क्षमता का उपयोग हो रहा है. इन बड़ी कंपनियों का देश के 70 फीसदी बाजार पर कब्जा है. रीयल एस्टेट निर्माताओं के संगठन क्रेडाई ने भी बढ़ती कीमतों पर चिंता जतायी है. क्रेडाई के अध्यक्ष डब्ल्यूएस हबीब ने बढ़ती कीमतों को लेकर कंपनियों की मनमानी होने की आशंका जाहिर की है. झारखंड में सीमेंट की बढ़ती कीमतों पर बिल्डर्स एसोसिएशन, क्रेडाई और अन्य की तरफ से अब तक किसी तरह का आधिकारिक बयान नहीं आया है. अब बाजार विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव के बाद जून तक सीमेंट की कीमत 400 रुपये प्रति बैग तक पहुंच जायेगी. जून तक सीमेंट की मांग भी तेजी से बढ़ेगी.

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झारखंड में डालमिया, एसीसी, जेपी, लाफार्ज सीमेंट का हो रहा उत्पादन

झारखंड में डालमिया, एसीसी, जेपी, लाफार्ज सीमेंट का उत्पादन हो रहा है. इन कंपनियों ने भी कीमतों में 50 से 60 रुपये का इजाफा कर दिया है. झारखंड में सीमेंट की कीमतें बढ़ने का सबसे ज्यादा असर व्यक्तिगत तौर पर घर बनवा रहे लोगों पर पड़ा है.

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पांच साल में देश भर में हुआ सीमेंट का उत्पादन

वित्तीय वर्षकुल उत्पादन क्षमताउत्पादन
2014-15402 मिलियन टन270 मिलियन टन
2015-16417 मिलियन टन283 मिलियन टन
2016-17430 मिलियन टन279 मिलियन टन
2017-18455 मिलियन टन297 मिलियन टन
2018-19465 मिलियन टन162 मिलियन टन (सितंबर-2018 तक)

सीमेंट की कीमत

वित्तीय वर्षकीमत
सितंबर-2017320 रुपये
दिसंबर-2017325 रुपये
मार्च 2018315 रुपये
दिसंबर 2018280-290 रुपये
मई-2019350-360 रुपये

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