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पाकुड़ DC के खिलाफ साइमन मरांडी ने की PMO से शिकायत, बाद में मुकरे, लेकिन न्यूज विंग से कहा- हो उच्च स्तरीय जांच

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Sweta Kumari
Ranchi/Pakud : पाकुड़ डीसी दिलीप कुमार झा इन दिनों खासे चर्चा में हैं. उनपर लगातार भ्रष्टाचार के मामले उजागर हो रहे हैं. 25 सितंबर को मुख्यमंत्री के सीधी बात कार्यक्रम में भी पाकुड़ डीसी दिलीप कुमार झा पर एक शिकायतकर्ता ने गंभीर आरोप लगाया था. दिलीप झा पर कोलकाता के होटल मालिक सोनार बंगला से सांठ-गांठ कर 400 हाईवा आमड़ापाड़ा में कोल कंपनी में चलाने के मोटी रकम की डील करने का आरोप लगाया गया. बीजीआर से विस्थापितों को मैनेज करने के नाम पर भी डीसी ने चार करोड़ रुपये लेने का आरोप है. डीसी दिलीप झा पर भ्रष्टाचार के आरोपों के मामले यहीं नहीं थमते हैं, उनपर पाकुड़ जिले में बालू माफिया से मिलीभगत का भी आरोप है. अपने भाषण में उन्होंने अपने अधिकारियों को निकम्मा कहा है. पाकुड़ डीसी की ख्याती यही नहीं रुक रही है. झामुमो के विधायक साइमन मरांडी ने अब डीसी की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय से की है.

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पहले की पीएमओ से शिकायत, फिर कहा कि नशे में हो गया

लिट्टीपाड़ा विधायक साइमन मरांडी ने 18 जून 2018 को पीएमओ को एक पत्र लिखकर पाकुड़ डीसी दिलीप कुमार झा पर अवैध उत्खनन को संरक्षण देने का आरोप लगाया है. पीएमओ से होते हुए यह शिकायत पत्र 29 जून 2018 को मुख्य सचिव कार्यालय से होते हुए खान विभाग पहुंचा. इसके बाद बड़े ही नाटकीय ढ़ंग से साइमन मरांडी ने 25 अगस्त 2018 को दूसरा पत्र लिखा और उस पत्र में बड़ी ही सफाई से लिखा कि उन्होंने पीएमओ को कोई पत्र नहीं लिखा और ना ही कोई शिकायत की थी. मरांडी ने साथ ही उस पत्र में लिखा कि उनके लेटर पैड और हस्ताक्षर का गलत इस्तेमाल किया गया. हालांकि इस बात की शिकायत पीएमओ में करने की बजाए साइमन मरांडी ने डीसी दिलीप कुमार झा को लिखा. अब उस पत्र की बात पाकुड़ ही नहीं बल्कि रांची के अफसरों के बीच भी जोरों पर है.

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विधायक के द्वारा पहले पत्र में लिखीं बातें

विधायक साइमन मरांडी ने अपने लिखे पहले पत्र में डीसी के खिलाफ आरोप लगाया है कि पाकुड़िया प्रखंड के खागाचुंआ मौजा ने जिला टास्क फोर्स की टीम द्वारा अवैध उत्खनन एवं परिवहन की मिली जानकारी के बाद छापेमारी की गयी और दर्जनों पत्थर से लदे वाहनों को भी जब्त किया गया. जिसमें लगभग एक दर्जन स्थानों पर अवैध पत्थर उत्खनन का भी मामला सामने आया, लेकिन सहायक खनन पदाधिकारी श्री शर्मा द्वारा जब्त किये गये वाहनों के विरूद्ध में अज्ञात लोगों के खिलाफ पाकुड़िया थाने में कांड संख्या 31/18 के तहत प्राथमिकी दर्ज करायी गयी. खागाचुंआ में पायी गयी अवैध पत्थर खदानों को लेकर कई मामले अलग से और कई सहायक खनन पदाधिकारी एवं डीसी पाकुड़ की संलिप्तता के हैं. इसकी सत्यता की पुष्टी इन दोनों पदाधिकारियों के मोबाइल कॉल डिटेल से की सकती है.

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साथ ही पत्र में लिखा गया है कि पाकुड़ जिले के पाकुड़िया प्रखंड के चंदना, खागाचुंआ, गोलपुर, महेशपुर प्रखंड के रद्दीपुर, हिरणपुर प्रखंड के सीतपहाड़ी, पाकुड़ प्रखंड के कालीदासपुर, कसिला, रामचंद्रपुर, कुलापहाड़ी, पीपलजोड़ी, बासमाता, चेंगाडांगा, राडबांध, कान्हूपुर आदि मौजा में चल रही अवैध पत्थर उत्खनन एवं परिवहन मामले की जांच उच्चस्तरीय टीम गठित कर करायी जाये. साथ ही अवैध कारोबारियों के साथ सांठगांठ कर सरकार को राजस्व की क्षति पहुंचाने वाले सहायक खनन पदाधिकारियों एवं डीसी की संलिप्तता की जांच करायी जाए. ताकि अवैध पत्थर उत्खनन पर लगाम लगायी जा सके.

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विधायक के दूसरे पत्र के मुख्य अंश

20 अगस्त 2018 को साइमन मरांडी ने एक पत्र पाकुड़ के डीसी को लिखा. जिसमें उन्होंने कहा है कि क्षेत्र भ्रमण के क्रम में उन्हें पता चला कि उनके पैड का गलत इस्तेमाल करते हुए किसी ने पाकुड़ डीसी व अन्य के खिलाफ खनन कार्य में अवैध रुप से संलिप्त होने के आरोप से संबंधित पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय को लिखा है. गहन जांच करने पर पत्र की प्रति भी मिली. पत्र में अंकित तथ्यों को देखकर मुझे आश्चर्य हुआ. हस्ताक्षर भी संदेहास्पद लगा. यह किसी शातिर व्यक्ति का षडयंत्र है. जिसका उद्देश्य यह है कि मैं (साईमन मरांडी) जिला प्रशासन के कार्यों से नाराज हूं. इस तरह का पत्र लिखकर मुझे जिला प्रशासन के सामने बदनाम करने की साजिश रची गयी है. इसलिए इस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए.

न्यूज विंग से कहा कि दवा के नशे में पता नहीं क्या हो जाता है

  • पत्रकारः पीएमओ से आपने शिकायत की थी
    साइमन मरांडीः पीएमओ से शिकायत किया था. कहीं भी अगर हमसे गलती जाने-अनजाने में हो जाता है तो सुधार भी हम किए हैं.
  • पत्रकारः दोबारा आपने लेटर लिखा है कि आपने शिकायत नहीं की है.
    साइमन मरांडीः नहीं-नहीं हमने लिखा है, देखिए हम हार्ट के मरीज हैं. हम इलाज से लौटे थे. हमको चार-पांच बार लोग तंग किया. तो हम पूछे कि क्या चीज है जिसपर आपलोग दस्तखत कराना चाहते हैं. मैंने कहा कि आपलोग स्थानीय लोग हैं. क्या दिक्कत है लाओ हम दस्तखत कर देते हैं. यही बोल कर हम साइन कर दिए.
  • पत्रकारः मतलब आपको पता नहीं था कि किस चीज पर आप दस्तखत कर रहे हैं
    साइमन मरांडीः एक तो नशे का दवा खा लेते हैं. दवा इतना खाते हैं कि नशा हो जाता है. ये लोग है कि जोंक की तरह लगा हुआ रहता है. तो उसी में कुछ गलत हो गया होगा. बाद में हमने उसे सुधार लिया. घोटाला हो रहा है कि नहीं सभी लोग जानते हैं. पढ़े लिखे लोग समझ रहे हैं कि घोटाला हो रहा है कि नहीं. जानने के बावजूद भी सभी चुप हैं. अरे हम ही हैं जो लिखते भी हैं. दूसरा किसी का पाकुड़ में हिम्मत भी नहीं है कि लिख दे. मेरे किसी बात पर नहीं जाकर जो लिखा है, उसकी उच्च स्तरीय जांच हो. लूटने वाला लोग लूट कर चला जाता है. क्या करता है, नहीं करता है नहीं पता. मुख्यमंत्री भी खुश हो जाते हैं. लोग भी खुश हो जाता है. बाकी लोग भी झूठ-सच सुनकर खुश. यही खुशे-खुश पर सब चल रहा है.

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